पृथ्वी के आंतरिक कोर में बदलाव, वैज्ञानिकों ने खोजा नया रहस्य
Earth inner core: शोधकर्ताओं ने बताया कि कोर में आकार परिवर्तन पृथ्वी के अंदर गहरे बलों के बारे में सुराग दे सकते हैं जो हमारे मैग्नेटोस्फीयर को शक्ति प्रदान करते हैं.

Earth inner core: कुछ महीने पहले वैज्ञानिकों ने यह पुष्टि की थी कि पृथ्वी का आंतरिक कोर अपनी घूूमने की दिशा में बदलाव कर रहा है. अब, उन्होंने पृथ्वी के सबसे गहरे रहस्यों से जुड़ा एक और नया खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने बताया कि आंतरिक कोर के आकार में भी बदलाव हो रहा है, लेकिन यह बताना मुश्किल है कि यह बदलाव किस तरह का दिखता है. हो सकता है कि इस परत की स्थलाकृति ऊपर-नीचे हो रही हो, या फिर यह कुछ भूस्खलन की तरह इधर-उधर खिसक रही हो.
चांद जितना विशाल आकार
पृथ्वी का आंतरिक कोर एक ठोस धातु की गेंद है, जो एक तरल धातु के बाहरी कोर से घिरी हुई है. यह आंतरिक कोर चंद्रमा के आकार के लगभग 70% के बराबर है, जिसका आकार लगभग 759 मील (1,221 किलोमीटर) है. दशकों से वैज्ञानिकों को शक था कि यह ठोस आंतरिक कोर समय के साथ घूमेंगे और विकृत हो सकते हैं.
20 साल में मिला पहला सबूत
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अब वैज्ञानिकों ने आंतरिक कोर के आकार में बदलाव के बारे में पिछले 20 वर्षों में पहला सबूत पाया है. ये बदलाव भूकंप की तरंगों में दिखाई दिए.
क्या हो रहे बदलाव
शोधकर्ताओं ने आंतरिक कोर के घूमने के बारे में पिछले लंबे समय से चल रही बहस को सुलझाने के लिए 2024 के अध्ययन में भूकंप के डेटा का इस्तेमाल किया. उन्होंने पाया कि पहले आंतरिक कोर पृथ्वी से भी तेज़ घूमता था, लेकिन 2010 के आसपास से इसका घूमना धीमा हो गया है और अब यह बाकी ग्रह के हिस्सों के मुकाबले उल्टा घूम रहा है.
यह नया अध्ययन 1991 से 2023 तक के भूकंप डेटा का उपयोग करके किया गया था और जर्नल नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित हुआ. इस अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. जॉन विडेल ने कहा कि आंतरिक कोर की सतह में बदलाव के संकेतों को भूकंपीय तरंगों की ऊंचाई में भिन्नताओं से समझा जा सकता है.


