होर्मुज जलडमरूमध्य में चीनी तेल टैंकर पर हमला, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मची हलचल

फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान तनाव युद्ध में बदलने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में गिना जाने लगा. अब पहली बार इस संवेदनशील इलाके में एक चीनी तेल टैंकर पर हमला हुआ है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक चीन से जुड़ा तेल टैंकर हमले का शिकार हुआ है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद किसी चीनी टैंकर को निशाना बनाए जाने की यह पहली ज्ञात घटना मानी जा रही है. इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि चीन को लंबे समय से ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है.

घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों की मदद के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम की घोषणा के बीच इस हमले की खबर ने वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं.

कैसे मिली हमले की जानकारी?

मीडिया आउटलेट कैक्सिन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला इसी सप्ताह की शुरुआत में हुआ था. सोमवार को इस घटना की जानकारी सार्वजनिक हुई. रिपोर्ट में इसे ऐसा पहला मामला बताया गया है, जिसमें किसी चीनी तेल टैंकर को निशाना बनाया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, जहाज से मिली तस्वीरों में डेक पर आग लगी दिखाई दी. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमले में चालक दल का कोई सदस्य घायल हुआ है या नहीं. समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने क्षतिग्रस्त जहाज की पहचान मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल और केमिकल टैंकर के रूप में की है. बताया गया कि UAE के तट के पास से गुजरते समय जहाज ने डेक पर आग लगने के बाद आपातकालीन संदेश भेजे थे.

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है. वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से यह क्षेत्र लगातार तनाव में है.

ईरान की ओर से जारी हमलों के कारण सैकड़ों जहाज और करीब 20,000 नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए बताए जा रहे हैं. लगातार बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर भी असर डाला है.

बीजिंग में ईरान-चीन के बीच हुई बातचीत

इस घटना के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग को दोबारा सामान्य करने पर चर्चा हुई. चीन और ईरान के बीच बढ़ते संपर्क ऐसे समय में हो रहे हैं जब क्षेत्रीय हालात और अधिक संवेदनशील बने हुए हैं.

ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिका की कार्रवाई

अमेरिकी सेना ने गुरुवार, 7 मई को ईरानी हमलों के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई करने की जानकारी दी. अप्रैल की शुरुआत में हुए युद्धविराम के बाद यह ईरान पर अमेरिका का पहला सीधा हमला बताया जा रहा है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को ईरानी सेना ने ड्रोन, मिसाइलों और छोटी बोट्स के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की थी. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने जवाबी हमले करते हुए उन हमलों को नष्ट कर दिया.

एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया को बताया कि बंदर अब्बास और केशम स्थित ईरानी सैन्य सुविधाओं पर हमले किए गए. वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने ईरान को जल्द समझौता करने की चेतावनी भी दी.

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