डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम, हमास को शांति समझौता स्वीकार करने की दी समय सीमा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास को रविवार शाम तक गाजा के लिए शांति समझौते पर सहमति देने की समय सीमा दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमास को भयंकर हमलों का सामना करना पड़ेगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को हमास को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उन्हें उनके द्वारा पेश किए गए 20-बिंदु वाले शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए रविवार शाम तक समय दिया जा रहा है. यदि समूह इस समय-सीमा के भीतर सहमति नहीं देता है तो उनके अनुसार गंभीर परिणाम सामने आएंगे और हालात पूरी तरह तबाह हो सकते हैं.
ट्रंप ने की हमलों की निंदा
अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित एक विस्तृत संदेश में ट्रंप ने 7 अक्टूबर को हुए हमलों की निंदा की और हमास को एक हिंसक और क्रूर खतरे बताया. उन्होंने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में हमास के सशस्त्र बलों को भारी क्षति उठानी पड़ी है. उनके शब्दों में, हजारों हमासियों को पहले ही मार गिराया जा चुका है या वे सैन्य घेराबंदी में फंसे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि जिन लड़ाकों की लोकेशन ज्ञात है, उन्हें खोजकर समाप्त कर दिया जाएगा.
राष्ट्रपति ने नागरिकों के प्रति भी चेतावनी और निर्देश जारी किए. उन्होंने निर्दोष फिलिस्तीनियों से अपील की कि वे संभावित खतरों वाले इलाकों से निकलकर सुरक्षित क्षेत्र में चले जाएं, ताकि उनके जीवन की रक्षा हो सके. ट्रंप ने यह आश्वासन भी दिया कि मदद के इंतजार में रह रहे लोगों की उचित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी.
ट्रंप ने इस अवसर पर यह भी जोर दिया कि हमास को अंतिम मौका दिया जा रहा है. एक ऐसा अवसर जो उनके मुताबिक मध्य पूर्व के लिए शांति स्थापित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि कई देशों, जिनमें क्षेत्रीय शक्तियां और अमीर राष्ट्र शामिल हैं, इस पहल के समर्थन में हैं और कई शासकों ने समझौते पर हां कर दी है. उनके अनुसार, यह प्रस्ताव न केवल हमास के लड़ाकों की ज़िंदगियां बचा सकता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में हिंसा और तबाही को कम करने में मददगार होगा.
हमास से सभी बंधकों की रिहाई की मांग
राष्ट्रपति ने हमास से सभी बंधकों की रिहाई की भी मांग की, जिनमें जीवित लोग और मृतक दोनों के शव शामिल हैं और चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो समूह को पहले न देखे गए तीव्र परिणामों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने स्पष्ट रूप से वाशिंगटन समयानुसार रविवार शाम छह बजे को अंतिम समय-सीमा बताया और कहा कि यदि यह आखिरी मौका कामयाब नहीं हुआ तो बहुत कड़ा रूख अपनाया जाएगा.


