ईरान के साथ समझौता के लिए ट्रंप जा रहे पाकिस्तान! इस्लामाबाद में सड़कें सील, होटल बुकिंग बंद और लॉकडाउन जैसे दिखे हालात

अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता जल्द ही होने वाली है. इस बात के संकेत खुद इस्लामाबाद में अचानक से बदलाव दे रही है. शहर में लॉकडाउन जैसे हालात के साथ-साथ होटलों में बुकिंग बंद भी बंद हो गई है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अचानक सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है. अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की तैयारियां चल रही हैं, जिसके चलते शहर में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं. हालांकि अभी तक किसी भी देश ने आधिकारिक रूप से बैठक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम बता रहे हैं कि बड़ी बातचीत होने वाली है.

ट्रंप का इस्लामाबाद आने का संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इस्लामाबाद आ सकते हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब समझौता साइन करने की स्थिति बन जाए. हाई लेवल अमेरिकी डेलिगेशन की सुरक्षा टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है. दो अमेरिकी कार्गो विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं, जो VVIP आने से पहले जरूरी सामान लाने के संकेत दे रहे हैं.

इस्लामाबाद में सड़कें सील

इस्लामाबाद पुलिस ने रेड जोन और एक्सटेंडेड रेड जोन को पूरी तरह बंद कर दिया है. इन इलाकों में किसी भी तरह की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है. इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भारी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है. लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. ये सुरक्षा प्रतिबंध कई दिनों तक जारी रह सकते हैं.

होटलों में बुकिंग बंद

इस्लामाबाद के बड़े होटलों ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है. लग्जरी मोवेनपिक होटल इस हफ्ते पूरी तरह फुल है. सेरेना होटल नई बुकिंग नहीं ले रहा है और पहले से ठहरे मेहमानों को भी रविवार रात से दूसरे जगह जाने को कहा गया है. ये वही होटल है जहां पहले दौर की बातचीत हुई थी. इससे साफ है कि होटलों को खास तैयारी के लिए खाली कराया जा रहा है.

कब होगी बातचीत?

पहले दौर की वार्ता 12 अप्रैल को खत्म हुई थी. अब दूसरे दौर की तैयारी चल रही है. ईरान के अधिकारी सीधी बातचीत को ज्यादा बेहतर मानते हैं. सूत्रों के अनुसार, अगली बैठक मंगलवार तक हो सकती है. पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

ट्रंप के संभावित आने और सुरक्षा इंतजामों से साफ है कि दोनों देशों के बीच समझौते की कोशिश तेज हो गई है, लेकिन ईरान अभी भी अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है. पूरी दुनिया इस वार्ता पर नजर रखे हुए है, क्योंकि इसका असर मध्य पूर्व की शांति और वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है.

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