अमेरिकी झंडे से ढंका पाकिस्तान, लेकिन भारत को क्यों रखा अलग?

डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया का एक नक्शा साझा कर ईरान पर दबाव बनाने का संकेत दिया, जिसमें कई खाड़ी देशों और पाकिस्तान को अमेरिकी प्रभाव क्षेत्र के रूप में दिखाया गया. वहीं भारत को नक्शे से अलग रखने को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और बढ़ती वैश्विक ताकत से जोड़कर देखा जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पश्चिम एशिया से जुड़ा एक नक्शा साझा कर नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया. इस नक्शे में कई खाड़ी देशों और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों को अमेरिकी झंडे के रंग में दर्शाया गया है. माना जा रहा है कि यह पोस्ट सीधे तौर पर ईरान पर दबाव बनाने और क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव दिखाने की कोशिश है.

भू-राजनीतिक स्तर पर चर्चाएं शुरू 

नक्शे में कई लाल निशान ईरान की दिशा में केंद्रित दिखाई दे रहे हैं, जिसे विश्लेषक संभावित चेतावनी या रणनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं. खास बात यह रही कि नक्शे में पाकिस्तान को भी अमेरिकी प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में दिखाया गया, जबकि भारत को इससे पूरी तरह अलग रखा गया. इसे लेकर भू-राजनीतिक स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.


ट्रंप की यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब उन्होंने हाल ही में ईरान को लेकर सख्त बयान दिया था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि 'घड़ी तेजी से चल रही है' और ईरान को जल्द फैसला लेने की चेतावनी दी थी. इसके बाद से पश्चिम एशिया में संभावित अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई की अटकलें फिर तेज हो गई हैं.

ट्रंप द्वारा साझा किए गए नक्शे में संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, सीरिया और इराक जैसे देशों को भी अमेरिकी झंडे से ढंका गया है. इसके अलावा अफगानिस्तान को भी इस नक्शे में शामिल किया गया, जहां लंबे समय तक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति रही थी.

राजनीतिक विशेषज्ञों का क्या मानना है? 

हालांकि सबसे अधिक ध्यान भारत को नक्शे से बाहर रखने पर गया. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और बढ़ती वैश्विक भूमिका का संकेत हो सकता है. अमेरिका अब भारत को केवल दक्षिण एशिया के संदर्भ में नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की एक बड़ी रणनीतिक शक्ति के रूप में देखता है.

विशेषज्ञों के अनुसार भारत की ईरान और खाड़ी देशों के साथ अपनी अलग सामरिक और आर्थिक साझेदारी है. ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए भारत पश्चिम एशिया में संतुलित कूटनीति अपनाता रहा है. ऐसे में ट्रंप का भारत को इस नक्शे से अलग रखना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वाशिंगटन नई दिल्ली की स्वतंत्र रणनीतिक स्थिति को स्वीकार कर चुका है.

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