नाटो पर भड़के ट्रंप: बोले ईरान जंग में किसी की जरूरत नहीं, अमेरिका अकेला काफी, सहयोगियों को दी खुली चेतावनी

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस जंग में किसी की मदद की जरूरत नहीं है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस जंग में किसी की मदद की जरूरत नहीं है। ट्रंप के मुताबिक नाटो के कई देश सैन्य कार्रवाई में साथ नहीं आना चाहते। उन्होंने इसे गलत फैसला बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने दम पर भी स्थिति संभाल सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

क्या सोशल मीडिया पर दिया संदेश

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि नाटो देशों ने साफ कहा है कि वे ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल नहीं होंगे। हालांकि इन देशों का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। ट्रंप ने इस रुख को “बड़ी गलती” बताया। उनके अनुसार यह फैसला भविष्य में गंभीर असर डाल सकता है। यह बयान तेजी से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।

क्या अमेरिका ने किया सैन्य दावा

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि कई अहम सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया है। ट्रंप के अनुसार इस कार्रवाई से ईरान की ताकत कमजोर हुई है। इसी वजह से अमेरिका को अब किसी सहयोगी की मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सक्षम है। यह बयान भी काफी चर्चा में रहा।

क्या नाटो को बताया वन-वे स्ट्रीट

ट्रंप ने नाटो पर पुराना आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि नाटो एकतरफा व्यवस्था बन गया है। उनके अनुसार अमेरिका हर साल इन देशों की सुरक्षा पर बहुत पैसा खर्च करता है। लेकिन जब अमेरिका को जरूरत होती है तो सहयोगी देश पीछे हट जाते हैं। ट्रंप ने इसे असंतुलित व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती।

क्या ईरान की सेना पर बड़ा दावा

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी झटका लगा है। साथ ही कई रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम भी नष्ट हुए हैं। ट्रंप के मुताबिक इससे ईरान की रणनीतिक क्षमता कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि अब ईरान पहले जैसा खतरा नहीं रहा।

क्या इस्तीफे के बीच आया बयान

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख जोसेफ केंट ने इस्तीफा दे दिया। केंट ने कहा था कि ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। उन्होंने युद्ध का विरोध किया था। इस बयान ने वाशिंगटन की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। कई विशेषज्ञों ने इसे बड़ा घटनाक्रम बताया।

क्या ट्रंप ने केंट पर साधा निशाना

ट्रंप और व्हाइट हाउस ने केंट की बातों को खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा कि केंट सुरक्षा मामलों को लेकर कमजोर सोच रखते थे। उनके अनुसार ईरान को खतरा नहीं मानना गलत था। ट्रंप ने कहा कि उन्हें खुशी है कि अब केंट उस पद पर नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

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