IPL का नाम लेकर PCB पर गुस्से से लाल हुआ पूर्व पाकिस्तान बल्लेबाज, PSL को बता दिया 'रिटायर्ड क्रिकेट लीग'
IPL और PSL दोनों जल्द ही शुरू होने वाला है. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पूर्व खिलाड़ी का एक बयान सामने आया है, जिसमें वे PCB से कड़े सवाल किए हैं.

नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) 26 मार्च से शुरू होने वाली है, जबकि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) 28 मार्च से शुरु होगी. दोनों लीगों के बीच तुलना हमेशा होती रहती है, लेकिन इस बार पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज अहमद शहजाद ने PSL पर तीखी आलोचना की है. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर PSL को 'रिटायर्ड क्रिकेटर्स लीग' कहकर PCB और लीग की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं.
IPL में सुपरस्टार, PSL में रिटायर्ड प्लेयर्स
शहजाद ने कहा कि IPL में असली सुपरस्टार खिलाड़ी खेलते हैं, जो लीग को प्रतिस्पर्धी बनाते है. टीमें सालों तक निवेश करती हैं और मजबूत स्क्वॉड बनाती हैं. वहीं PSL में रिटायर्ड खिलाड़ी और कमेंटेटर सुपरस्टार बन जाते हैं. उन्होंने कहा, "PSL में पिछले 3-4 सालों से रिटायर्ड प्लेयर्स को पैसा देकर ब्रांड फेस बनाया जा रहा है, लेकिन उन्होंने क्या बनाया है? यह लीग की असल स्थिति दिखाता है."
इस बार PSL में फाफ डु प्लेसिस और ग्लेन मैक्सवेल जैसे नामी खिलाड़ी खेलेंगे, जो IPL में नहीं चुने गए. शहजाद का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी PSL में आते हैं क्योंकि IPL में मौका नहीं मिलता. इससे लीग की क्वालिटी पर सवाल उठते हैं.
पाकिस्तान टीम के प्रदर्शन पर भी निशाना
शहजाद ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हालिया खराब प्रदर्शन पर भी बात की. T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका. इसके बाद बांग्लादेश दौरे पर 3 मैचों की ODI सीरीज में 1-2 से हार मिली. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास सिर्फ 6-8 खिलाड़ी हैं, जो PSL और टीम दोनों के चेहरे हैं. PCB ने इन्हें बहुत सपोर्ट किया, कप्तानी दी, स्पॉन्सरशिप दी, लेकिन नतीजे नहीं आए.
शहजाद ने PCB पर आरोप लगाया कि उन्होंने क्रिकेट को इन 6-8 खिलाड़ियों और उनके एजेंटों के हवाले कर दिया. इनकी वजह से टीम जीत नहीं पा रही, बल्कि पार्टी और पैसे कमाने पर फोकस है. उन्होंने पूछा, "क्या ये खिलाड़ी पाकिस्तान की किस्मत बदल पाएंगे?"
अहमद शहजाद की यह भड़ास पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही असंतोष को दिखाती है. PSL शुरू होने से पहले यह बहस और तेज हो सकती है. क्रिकेट फैंस अब देखना चाहेंगे कि क्या PSL अपनी छवि सुधार पाएगी या हमेशा की तरह IPL से पीछे रह जाएगी.


