'नृत्य इस्लाम में हराम...' नोरा फतेही के गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर जारी हुआ फतवा, मुस्लिम समाज ने किया बहिष्कार
सरके चुनर तेरी सरके गाने को लेकर नोरा फतेही की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही. इस गाने पर पहले ही कई एक्शन लिए जा चुके हैं, लेकिन अब नोरा कके खिलाफ फतवा जारी किया गया है.

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस और डांसर नोरा फतेही फिर से विवादों में घिर गई हैं. कन्नड़ फिल्म 'केडी: द डेविल' के एक प्रमोशनल गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' के हिंदी वर्जन पर भारी बवाल मचा हुआ है. इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए हैं.
गाने के बोल और डांस स्टेप्स को अश्लील बताकर सोशल मीडिया पर विरोध हुआ, जिसके बाद यूट्यूब से इसे हटा दिया गया. अब अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने भी इस पर फतवा जारी कर दिया है.
गाने पर क्यों उठा विवाद?
यह गाना फिल्म 'केडी: द डेविल' का प्रमोशनल ट्रैक है, जिसमें नोरा फतेही का हाई-एनर्जी डांस और संजय दत्त का अवतार दिखाया गया है. गाने के हिंदी बोलों में डबल मीनिंग और आपत्तिजनक शब्दों के चलते लोग इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बता रहे हैं. गाना इसी हफ्ते यूट्यूब पर आया था, लेकिन कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज आने के साथ-साथ शिकायतें भी बढ़ गई.
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी नोटिस जारी किया, और कानूनी शिकायतें दर्ज हुई. अंत में गाने को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया. फिल्म 30 अप्रैल को रिलीज होने वाली है.
फतवा में क्या कहा गया?
अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के प्रमुख, शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहिम हुसैन ने फतवा जारी करते हुए कहा कि इस गाने में दिखाए गए दृश्य और नृत्य इस्लाम में हराम है. उन्होंने बताया कि ऐसे कंटेंट नैतिकता को नुकसान पहुंचाते हैं और समाज, खासकर युवाओं और बच्चों पर बुरा असर डालते हैं.
फतवे में कहा गया कि इस्लाम हया (शर्म और लज्जा) और अच्छे आचरण की शिक्षा देता है, इसलिए ऐसी सामग्री से दूर रहना चाहिए. यदि कोई कलाकार इसमें शामिल होता है, तो यह इस्लामी नियमों के खिलाफ माना जाएगा.
नोरा फतेही और टीम का जवाब
नोरा फतेही ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने तीन साल पहले कन्नड़ वर्जन रिकॉर्ड किया था. हिंदी वर्जन के बोल सुनकर उन्होंने निर्माताओं से आपत्ति जताई थी, क्योंकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि वे अश्लीलता का समर्थन नहीं करती और आगे प्रोजेक्ट चुनते समय ज्यादा सतर्क रहेंगी.
गीतकार रकीब आलम ने भी कहा कि उन्हें मूल कन्नड़ बोलों का शब्दशः अनुवाद करने को कहा गया था और उन्होंने चेतावनी दी थी कि हिंदी बोल ठीक नहीं है. निर्देशक प्रेम ने खुद कन्नड़ बोल लिखे थे. यह विवाद एक बार फिर बॉलीवुड में गानों की सामग्री, सेंसरशिप और सांस्कृतिक मूल्यों पर बहस छेड़ रहा है. सोशल मीडिया पर लोग दोनों पक्षों में बंटे हुए है.


