मार्केट में तबाही! सेंसेक्स क्रैश, निवेशकों के 12 लाख करोड़ स्वाहा...जानिए कैसे आई भारी गिरावट
आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद बेकार रहा. आज शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जिसके कारण निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा.

नई दिल्ली: आज 19 मार्च 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद दुखद रहा. सुबह से ही तेज बिकवाली का दौर शुरू हो गया और बाजार में भारी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट आई, जिससे निवेशकों का भारी नुकसान हुआ.
बाजार में आई भारी गिरावट
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 2,496 अंक या 3.26% की तेज गिरावट के साथ 74,207.24 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी 50 भी 775 अंक टूटकर 23,002.15 पर पहुंच गया. इस एक दिन की गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये की कमी आई. पिछले कुछ सत्रों में आई मामूली रिकवरी भी पूरी तरह खत्म हो गई.
गिरावट के मुख्य कारण
बाजार में इस भारी बिकवाली के पीछे कई वजहें रही. सबसे बड़ा झटका एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से लगा. उन्होंने नैतिकता और मूल्यों में मतभेद का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया, जिससे बैंकिंग सेक्टर में डर फैल गया. एचडीएफसी बैंक का शेयर 5% से ज्यादा गिरा.
इसके अलावा अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की और महंगाई को लेकर चिंता जताई. वैश्विक निवेशक भारतीय शेयरों से पैसा निकालने लगे. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी जंग के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ी, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर डाला.
सुबह से ही बिकवाली का सैलाब
बाजार खुलते ही बिकवाली शुरू हो गई. सुबह 9:16 बजे तक सेंसेक्स 1,584 अंक गिरकर 75,119 पर आ गया, जबकि निफ्टी 500 अंक नीचे 23,277 पर ट्रेड कर रहा था. प्री-ओपन सेशन में हालात और खराब थे, जहां सेंसेक्स 2,200 अंक और निफ्टी 580 अंक तक लुढ़क चुका था.
सेक्टर और शेयरों की स्थिति
सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे. बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 गिरावट में बंद हुए. टॉप लूजर्स में एचडीएफसी बैंक (-5.11%), बजाज फाइनेंस (-4.93%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (-4.82%) और एल एंड टी (-4.54%) शामिल थे. सिर्फ एनटीपीसी और पावर ग्रिड हरे निशान में रहे.
यह गिरावट लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी देखी गई. निवेशकों के लिए यह दिन यादगार रहा, जहां बाजार में हाहाकार मच गया. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू ट्रिगर्स से अभी और दबाव रह सकता है.


