Donald Trump का बड़ा दावा: 'ईरान ने खुद किया संपर्क, अब नहीं होगा युद्ध!'
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने खुद युद्धविराम और समझौते के लिए अमेरिका से संपर्क किया, हालांकि तेहरान ने इस बात से इनकार किया है. ट्रंप के मुताबिक, संभावित समझौते से परमाणु खतरा कम होगा और वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट आ सकती है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने खुद उनसे संपर्क किया और युद्धविराम के लिए बातचीत की पहल की. ट्रंप के मुताबिक, तेहरान अब टकराव खत्म कर समझौते की राह पर चलना चाहता है. हालांकि, यह बयान उस समय आया जब ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि उसने अमेरिका से किसी भी तरह की शांति वार्ता के लिए संपर्क नहीं किया है.
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई, जो सकारात्मक दिशा में रही. उनका दावा है कि इस संवाद का मकसद लंबे समय से जारी शत्रुता को खत्म कर स्थायी समाधान निकालना था. ईरान के इनकार के बावजूद ट्रंप अपने बयान पर कायम रहे और उन्होंने दोहराया कि पहल अमेरिका की ओर से नहीं, बल्कि ईरान की तरफ से की गई थी.
VIDEO | Florida, USA: President Donald Trump says, "... I am not a fan of what Russia is doing either, but its a lot different. You are talking about a country that has been evil for 47 years... Look at how they attacked all those countries unexpectedly. No one was thinking about… pic.twitter.com/vJepdJCkJr
— Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समझौते के तहत परमाणु हथियार विकसित न करने के लिए तैयार हो गया है. ट्रंप के अनुसार, अगर यह समझौता होता है तो क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकती है और परमाणु खतरा भी टल जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब हालात ऐसे बन रहे हैं जहां युद्ध की कोई जरूरत नहीं रह जाएगी.
ट्रंप का दावा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों के डर से अमेरिका से संपर्क साधा. उनके मुताबिक, अमेरिका के पास ऐसी सैन्य क्षमता है जिससे ईरान के महंगे बिजली उत्पादन संयंत्रों को एक ही झटके में नष्ट किया जा सकता है. इसी आशंका के चलते ईरान बातचीत के लिए आगे आया.
ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना
इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना भी जताई. उनका कहना है कि मौजूदा हालात में वहां के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और भविष्य में नई नेतृत्व व्यवस्था उभर सकती है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ऐसे नेतृत्व के साथ काम करना चाहेगा जो उसके हितों के अनुरूप हो, खासकर तेल व्यापार के मामलों में.


