ओमान पर क्यों भड़के डोनाल्ड ट्रंप? 'होर्मुज' के कंट्रोल को लेकर दी परमाणु युग की सबसे खतरनाक चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर ओमान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. ट्रंप ने बातचीत को दौरान कहा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर एकतरफा वर्चस्व स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर ओमान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. ईरान के साथ जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए चल रही बातचीत के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश को इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर एकतरफा वर्चस्व स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है और यह सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए.

ट्रंप ने क्या कहा

जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर संयुक्त नियंत्रण साझा करने के प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे तो उन्होंने सख्त रुख अपनाया. ट्रंप ने कहा, हम इस पर नजर रखेंगे लेकिन कोई भी इस पर नियंत्रण नहीं कर सकता. यह हमारी बातचीत का मुख्य हिस्सा है.

कड़े बयान में थोड़ी नरमी

उन्होंने कहा, वे ओमान पर नियंत्रण चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं होगा. ओमान को भी सही बर्ताव करना होगा नहीं तो हमें उन्हें उड़ाना पड़ेगा. कुछ ही पलों बाद उन्होंने अपने इस कड़े बयान में थोड़ी नरमी लाते हुए जोड़ा वे इस बात को समझते हैं और सब कुछ ठीक रहेगा.

ईरान समझौते की शर्तों से असंतुष्ट है अमेरिका

कैबिनेट बैठक में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन वर्तमान में तेहरान के साथ चल रहे वार्ताओं के ढांचे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. ट्रंप ने कहा ईरान समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक है लेकिन अब तक वे उस स्तर पर नहीं पहुंचे हैं. हमारी उम्मीदें स्पष्ट हैं या तो सौदा बिल्कुल परफेक्ट होना चाहिए या फिर हमें इस काम को दूसरे तरीके से खत्म करना होगा.

कौन सी शर्तें रखी

वार्ता में सबसे बड़ा गतिरोध होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है. अमेरिका ने ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर भी अपनी शर्तें रखी हैं. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ईरान के इस परमाणु भंडार को रूस या चीन की कस्टडी में सौंपे जाने के विचार से बिल्कुल सहज नहीं हैं.

परमाणु हथियारों पर अमेरिकी रुख सख्त

बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है लेकिन अमेरिका अपनी मुख्य मांग से पीछे नहीं हटेगा. रुबियो ने दोहराया कुछ प्रगति जरूर हुई है और अगले कुछ दिनों में स्थिति और साफ होगी. लेकिन सबसे बुनियादी बात यह है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जाएगा. वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले इस रूट पर अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज कर दी है.

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