प्रेमिका की मुखबिरी और भीषण मुठभेड़... ऐसे हुआ मैक्सिकन ड्रग लॉर्ड एल मेनचो का अंत
मेक्सिको के कुख्यात ड्रग सरगना ‘एल मेनचो’ की सैन्य अभियान में मौत हो गई. प्रेमिका से मिली सूचना के बाद हुई मुठभेड़ में हेलीकॉप्टर पर हमला हुआ. हिंसा में 62 लोगों की जान गई और कई राज्यों में हालात तनावपूर्ण रहे.

मेक्सिको का सबसे खतरनाक और वांछित ड्रग सरगना आखिरकार मारा गया. 1.5 करोड़ डॉलर के इनामी नेमेसियो ओसेगुएरा, जिसे दुनिया ‘एल मेनचो’ के नाम से जानती थी, एक खुफिया सूचना के बाद चलाए गए बड़े सैन्य अभियान में ढेर हो गया. हैरानी की बात यह रही कि उसे ढूंढ निकालने में उसकी ही एक प्रेमिका से मिली अहम जानकारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
नेमेसियो ओसेगुएरा मेक्सिको के कुख्यात जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था. यह गिरोह देश के सबसे शक्तिशाली आपराधिक संगठनों में गिना जाता है और सिनालोआ कार्टेल का बड़ा प्रतिद्वंद्वी रहा है. अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 15 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था. उस पर अमेरिका में कोकीन, हेरोइन, मेथम्फेटामाइन और फेंटानिल की तस्करी के गंभीर आरोप थे. वाशिंगटन ने उसके गिरोह को आतंकवादी संगठन की श्रेणी में रखा था.
प्रेमिका से मिली अहम सूचना
मेक्सिको के रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला के अनुसार, ओसेगुएरा की एक प्रेमिका से जुड़े करीबी व्यक्ति ने अधिकारियों को उसकी मौजूदगी की जानकारी दी. बताया गया कि वह पश्चिमी मेक्सिको के खूबसूरत गांव तापलपा के एक घर में छिपा हुआ था. यह इलाका छुट्टियों के घरों के लिए जाना जाता है और आमतौर पर शांत माना जाता है. सूचना मिलते ही नेशनल गार्ड की स्पेशल इमीडिएट रिएक्शन फोर्स ने तेज़ी से कार्रवाई की योजना बनाई. अभियान को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम देने की तैयारी की गई ताकि सरगना को भनक न लगे.
भीषण मुठभेड़ और हेलीकॉप्टर पर हमला
रविवार को जब विशेष बल उसे पकड़ने पहुंचे, तो हालात बेहद हिंसक हो गए. ओसेगुएरा और उसके हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों ने सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया. गोलीबारी इतनी तेज थी कि हेलीकॉप्टर को पास के सैन्य अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी. मुठभेड़ के दौरान ओसेगुएरा और उसके दो अंगरक्षक घायल हो गए. सेना के मुताबिक, उसे जंगल वाले इलाके में घेर लिया गया था. बाद में वह हेलीकॉप्टर में दम तोड़ गया. उसके साथ अस्पताल ले जाए जा रहे दो अन्य लोगों की भी रास्ते में मौत हो गई.
भारी नुकसान और देशभर में हिंसा
इस ऑपरेशन में भारी जान-माल का नुकसान हुआ. रिपोर्टों के अनुसार, कुल 62 लोगों की मौत हुई, जिनमें नेशनल गार्ड के 25 जवान और गिरोह के 34 संदिग्ध सदस्य शामिल थे. कार्टेल के समर्थकों ने कई राज्यों में 85 जगहों पर सड़कें जाम कर वाहनों में आग लगा दी. स्थिति को काबू में करने के लिए जलिस्को राज्य में 2,000 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए. राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने कहा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है.
ओसेगुएरा के शव को मेक्सिको सिटी ले जाकर अधिकारियों को सौंप दिया गया. बाद में उसके अवशेष परिवार को दे दिए गए. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसे कहां दफनाया जाएगा. ‘एल मेनचो’ की मौत मेक्सिको के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन यह भी साफ है कि संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. उसके गिरोह की जड़ें गहरी हैं और आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियां बनी रह सकती हैं.


