'नाकाबंदी तोड़ी तो होगा एक्शन...', होर्मुज के पास अमेरिकी सैनिक ने जहाज पर तानी मशीन गन

अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा जारी वीडियो में ईरान के आसपास सख्त समुद्री नाकाबंदी दिखी. जारी वीडियो में एक हेलीकॉप्टर से तैनात मशीन गनर एक मालवाहक जहाज को वापस लौटने का निर्देश देता नजर आता है.

Shraddha Mishra

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने हालात की गंभीरता को और साफ कर दिया है. अमेरिकी केंद्रीय कमान  (CENTCOM) द्वारा जारी इस फुटेज में अमेरिकी सेना को ईरान के आसपास समुद्र में कड़ी नाकाबंदी लागू करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में दिख रहा है कि कैसे अमेरिकी बल जहाजों को रोकने और चेतावनी देने के लिए पूरी ताकत के साथ तैनात हैं.

जारी वीडियो में एक हेलीकॉप्टर से तैनात मशीन गनर एक मालवाहक जहाज को वापस लौटने का निर्देश देता नजर आता है. इसके साथ ही एक अन्य अमेरिकी सैनिक भारी हथियार के साथ जहाज की ओर निशाना साधे खड़ा दिखता है. रेडियो पर साफ आवाज सुनाई देती है- यह अमेरिकी युद्धपोत है और आप सैन्य नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं. जहाजों को चेतावनी दी जाती है कि अगर वे ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ते हैं या वहां से निकलने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जांच की जाएगी. नियम तोड़ने पर बल प्रयोग की चेतावनी भी दी गई.

27 जहाजों को लौटाया गया

CENTCOM के मुताबिक, इस सैन्य नाकाबंदी के दौरान अब तक कम से कम 27 जहाजों को वापस मुड़ने या अपने रास्ते बदलने के लिए मजबूर किया गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी गई जानकारी में कहा गया कि ईरानी बंदरगाहों के आसपास सख्त निगरानी रखी जा रही है. जो भी जहाज इस क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करता है, उसे पहले जांच से गुजरना पड़ता है.

ईरान जा रहे जहाज पर कार्रवाई

इसी बीच एक अलग घटना में अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहे एक जहाज पर कार्रवाई की. रिपोर्ट के अनुसार, झड़प के बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज पर चढ़ाई की और उसे अपने नियंत्रण में लिया. जारी वीडियो में साफ दिखता है कि मरीन हेलीकॉप्टर से जहाज पर उतरते हैं और पूरे ऑपरेशन को तेजी से अंजाम देते हैं. यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई बताई जा रही है.

जहाज में संदिग्ध सामग्री का शक

समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस जहाज में ऐसी सामग्री होने का संदेह था, जिसका उपयोग सैन्य कामों में किया जा सकता है. हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है. ईरानी पक्ष का कहना है कि जहाज चीन से आ रहा था और अमेरिका की यह कार्रवाई “सशस्त्र समुद्री डकैती” के समान है. ईरान ने यह भी कहा कि वह इस घटना को खुली आक्रामकता मानता है और इसका जवाब देने के लिए तैयार है. हालांकि, जहाज पर मौजूद नागरिकों और उनके परिवारों को देखते हुए उसने फिलहाल संयम बरतने की बात कही है.

चीन ने जताई चिंता

इस पूरे घटनाक्रम पर चीन ने भी चिंता जताई है. चीन, जो ईरान से कच्चा तेल आयात करता है, ने स्थिति को सामान्य करने की अपील की है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की बात कही और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया.

ट्रंप की नई चेतावनी

तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिकी मांगों को नहीं मानता, तो अमेरिका उसके अहम ढांचे जैसे पुल और बिजली संयंत्रों को निशाना बना सकता है. इस पर जवाब देते हुए ईरान ने भी चेतावनी दी कि अगर ऐसा कोई हमला होता है, तो वह खाड़ी क्षेत्र के देशों में ऊर्जा और जल सुविधाओं को निशाना बना सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो