ओमान तट पर भारतीय टैंकर पर हमला...इजरायल-ईरान युद्ध के बीच दुनिया में बढ़ी दहशत, 4 लोग हुए घायल

ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया पर दिखने लगा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार के दिन ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर बड़ हमला किया गया. इस टैंकर पर चालक दल के 15 भारतीय नागरिक सवार थे. हमले में चार लोगों के घायल हो गए है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती शत्रुता अब समंदर की लहरों के जरिए निर्दोष भारतीय नागरिकों को अपना निशाना बना रही है. रविवार को ओमान के मुसंदम तट के करीब एक तेल टैंकर पर हुए भीषण हमले ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. इस जहाज पर चालक दल के रूप में 15 भारतीय नागरिक तैनात थे. जो इस खूनी संघर्ष की सीधी चपेट में आ गए. यह घटना दिखाती है कि किस तरह पश्चिम एशिया का तनाव अब वैश्विक व्यापारिक मार्गों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है.

ओमान के तट पर भीषण हमला

मुसंदम प्रायद्वीप के पास हुआ यह हमला अपनी भौगोलिक स्थिति और तीव्रता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. पलाऊ के झंडे वाला विशाल तेल टैंकर 'स्काईलाइट' जब ओमान के खासब बंदरगाह से महज पांच समुद्री मील उत्तर की दिशा में बढ़ रहा था. तभी उस पर अचानक हमला हुआ. ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने पुष्टि की है कि तनाव के इस दौर में पहली बार ओमान के इतने करीब किसी व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया गया है.

जहाज पर कुल 20 सदस्य सवार थे

इस हमले के तुरंत बाद ओमान की सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर और अत्यंत सक्रिय रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जानकारी के अनुसार जहाज पर कुल 20 सदस्य सवार थे. जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक अपनी सेवाएं दे रहे थे. राहत की बात यह रही कि सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है. हालांकि. अचानक हुए इस घातक हमले और विस्फोट की गूंज ने चालक दल के सभी सदस्यों को बुरी तरह मानसिक रूप से डरा दिया था.

घायल सदस्यों का उपचार

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस भीषण हमले में चालक दल के चार सदस्यों को अलग-अलग प्रकार की चोटें आई हैं. घायलों में कुछ को गहरी चोटें लगी हैं. जबकि कुछ अन्य को मामूली खरोंचें आई हैं. सभी घायलों को त्वरित इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया है. अभी तक सुरक्षा एजेंसियां यह स्पष्ट नहीं कर पाई हैं कि जहाज पर हमला करने के लिए ड्रोन का सहारा लिया गया था या फिर किसी शक्तिशाली मिसाइल का इस्तेमाल हुआ था.

बदले की आग में झुलसता समंदर

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी 'बदले की भीषण कार्रवाई' का एक हिस्सा है. हाल ही में इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार गिराया था. इसी बड़ी घटना के बाद से ईरान समर्थक विद्रोही गुट काफी आक्रामक हो गए हैं. वे अब व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर अपनी नाराजगी और शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं. इस टकराव में बेकसूर भारतीय नाविक फंस रहे हैं.

शिपिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ी खतरे की घंटी 

ओमान के इतने करीब हुआ यह हमला पूरी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी खतरे की घंटी है. मुसंदम प्रायद्वीप एक ऐसा रणनीतिक और संवेदनशील इलाका है जहाँ से दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार गुजरता है. यहाँ हमला होने का सीधा अर्थ है कि अब समंदर का कोई भी मार्ग सुरक्षित नहीं बचा है. भारत सरकार इस गंभीर स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है क्योंकि हजारों भारतीय नाविक इन खतरनाक समुद्री रास्तों पर तैनात हैं.

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