पहले सुप्रीम लीडर और अब ईरानी सेना के CDS को उतारा मौत के घाट...इजरायल डिफेंस फोर्सेज का बड़ा दावा
अमेरिका, इजरायल मिलकर ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं. इस हमले में सुप्रीम लीडर की मौत पहले ही हो चुकी है. अब इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि IDF ने ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मसूवी को ढेर कर दिया है.

नई दिल्ली : इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध अब एक अत्यंत विनाशकारी और खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है. इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने रविवार को एक बड़ी सैन्य सफलता का दावा करते हुए बताया कि उन्होंने ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मूसवी को एक सटीक हवाई हमले में ढेर कर दिया है. इजरायल और अमेरिका द्वारा संचालित इस साझा अभियान को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' का नाम दिया गया है. इस कार्रवाई ने मध्य पूर्व में पहले से जारी भारी तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है.
ऑपरेशन रोरिंग लायन का प्रहार
आपको बता दें कि इजरायल का यह ताजा हमला ईरान के सैन्य नेतृत्व को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से किया गया था. तेहरान में एक साथ कई रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी की गई. आईडीएफ के अनुसार. मूसवी की मौत ईरान के लिए एक बहुत बड़ा झटका है. क्योंकि उनकी नियुक्ति हाल ही में पिछले संघर्ष में मारे गए पूर्व सैन्य प्रमुख के स्थान पर हुई थी. इस प्रहार ने न केवल नेतृत्व को खत्म किया. बल्कि ईरान की जवाबी कार्रवाई की क्षमता को भी काफी सीमित कर दिया है.
एक मिनट में टॉप लीडरशिप का सफाया
इजरायली खुफिया जानकारी के आधार पर यह हमला उस समय किया गया जब ईरान की टॉप सिक्योरिटी लीडरशिप के 7 वरिष्ठ सदस्य एक कमांड सेंटर में मीटिंग कर रहे थे. आईडीएफ का दावा है कि यह पूरा ऑपरेशन महज एक मिनट से भी कम समय में पूरा हो गया. मारे गए नेताओं में रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर. रक्षा मंत्री और कई उच्च अधिकारी शामिल थे. इजरायली मिसाइलों ने इतनी सटीकता से वार किया कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
40 कमांडरों की मौत से सैन्य संकट
केवल शीर्ष नेतृत्व ही नहीं. बल्कि आईडीएफ ने शुरुआती हमलों में ईरान की विभिन्न सैन्य इकाइयों के 40 वरिष्ठ कमांडरों को भी मार गिराने की घोषणा की है. ये सभी कमांडर इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमलों की रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे. ईरानी राज्य मीडिया ने भी इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. जिससे पूरे देश में मातम और आक्रोश की लहर है. इस बड़े नुकसान के बाद ईरान का सैन्य ढांचा अब पूरी तरह से संकट में घिर गया है.
रणनीतिक रूप से कमजोर हुआ ईरान
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मौतों से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक और भविष्य की सैन्य योजनाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी. जो लोग इजरायल के खिलाफ हमलों की मुख्य योजनाकार थे. अब वे जीवित नहीं हैं. यह नुकसान केवल जनशक्ति का नहीं. बल्कि उस अनुभव और रणनीति का भी है जिसे ईरान ने वर्षों में तैयार किया था. कमांड सेंटर और डिफेंस काउंसिल की मीटिंग को निशाना बनाना इजरायली खुफिया तंत्र की एक बहुत बड़ी और हैरान करने वाली जीत मानी जा रही है.
ईरान की कड़ी चेतावनी
इतने बड़े प्रहार के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी है और अमेरिका व इजरायल को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है. ईरानी सशस्त्र बलों ने बयान जारी कर कहा कि वे इस आक्रामकता पर दुश्मन को पछताने पर मजबूर कर देंगे. अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर दुख व्यक्त करते हुए ईरान ने संकल्प लिया है कि वे अपने गौरवशाली राष्ट्र की शक्ति और साहस के साथ इस जुल्म का कड़ा जवाब देंगे. क्षेत्र में अब एक बड़े और भीषण जवाबी हमले का खतरा बना हुआ है.


