ईरान पर हमलों के बीच अमेरिका का बड़ा एक्शन, चीन की 11 कंपनियों और नागरिकों पर लगाया बैन
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव केवल बयानों तक सीमित न रहकर अब विनाशकारी सैन्य कार्रवाइयों में बदल चुका है. अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के सामरिक ठिकानों पर लगातार बमबारी कर रहे हैं.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी सैन्य जंग ने इस समय पूरी दुनिया को बेहद गंभीर चिंता में डाल दिया है. दोनों देशों के बीच तनाव केवल बयानों तक सीमित न रहकर अब विनाशकारी सैन्य कार्रवाइयों में बदल चुका है. एक तरफ जहां अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के सामरिक ठिकानों पर लगातार बमबारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. इस जंग की तपिश अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापारिक मार्गों तक पहुंच चुकी है.
दक्षिणी ईरान में धमाके
युद्ध का सबसे संवेदनशील मोड़ तब आया जब ईरान की शीर्ष सैन्य कमान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर खुली चेतावनी दे दी. ईरान ने घोषणा की है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों समेत किसी भी पोत पर कार्रवाई की जा सकती है. इसके तुरंत बाद ईरानी मीडिया ने दावा किया कि उन्होंने दो तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी जारी है.
कंपनियों पर अमेरिकी शिकंजा
इसी सैन्य टकराव के बीच अमेरिका ने ईरान के वित्तीय और सैन्य मददगारों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को एक बड़ा एक्शन लेते हुए चीन और हॉन्गकॉन्ग से जुड़ी 11 संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. अमेरिकी प्रशासन का सीधा आरोप है कि प्रतिबंधित की गई ये कंपनियां और लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और ईरानी सेना के लिए गुप्त रूप से हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने का काम कर रहे थे. अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क ईरान के एक गुप्त वित्तीय तंत्र का हिस्सा था, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेहरान को मजबूत कर रहा था.
डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि ईरान ने समझौता करने में बहुत देर कर दी है. व्हाइट हाउस से जारी बयान में ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, हमने उन्हें कल जोरदार तरीके से मारा था और आज फिर मारेंगे. राष्ट्रपति के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में नए हवाई हमलों की पुष्टि कर दी. ये हमले ईरान की लगातार जारी और अनुचित आक्रामकता का माकूल जवाब हैं.


