Indonesia Earthquake: 7.6 तीव्रता के भूकंप से दहशत, सुनामी की लहरों ने बढ़ाई चिंता
इंडोनेशिया में 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने दहशत फैला दी है. भूकंप के बाद सुनामी की लहरें उठीं और कई इलाकों में नुकसान की खबर सामने आई, जिससे लोगों में डर और सतर्कता दोनों बढ़ गई है.

नई दिल्ली: इंडोनेशिया में गुरुवार को आए 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया. यह भूकंप उत्तरी मोलुक्का सागर में आया, जिसके तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और समुद्र में सुनामी की लहरें भी उठीं.
इस प्राकृतिक आपदा के चलते एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है. अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोग लगातार सतर्कता बरत रहे हैं.
सुनामी और आफ्टरशॉक का अलर्ट
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी (BMKG) के मुताबिक, भूकंप के बाद पांच स्थानों पर सुनामी की लहरें दर्ज की गईं. इनमें सबसे ऊंची लहर उत्तरी सुलावेसी के उत्तरी मिनाहासा क्षेत्र में 0.75 मीटर (करीब 2.46 फीट) तक पहुंची.
भूकंप के बाद 11 आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए, जिनमें सबसे तेज झटका 5.5 तीव्रता का था. BMKG प्रमुख तेउकू फैसल फथानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनके शुरुआती मॉडलिंग के अनुसार, लहरें 0.5 मीटर से लेकर 3 मीटर (1.6 से 9.8 फीट) तक ऊंची उठने की आशंका थी. एजेंसी ने आम जनता से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है.
मलबे में दबने से एक की मौत
उत्तरी सुलावेसी पुलिस के डिप्टी चीफ अवी सेतियोनो ने जानकारी दी कि मानाडो क्षेत्र में स्थानीय खेल प्राधिकरण की एक इमारत का हिस्सा ढह गया. इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक व्यक्ति की जान चली गई.
जमीन पर हालात कैसे हैं?
इंडोनेशिया के 'मेट्रो टीवी' पर प्रसारित फुटेज में कई इमारतों को हुए नुकसान को देखा गया. मानाडो की एक महिला ने बताया कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए.
महिला के अनुसार, बाहरी तौर पर ज्यादा नुकसान नहीं दिखा, लेकिन घरों के अंदर अलमारियों में रखा सामान गिर गया और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. बितुंग और टर्नेट शहरों में 10 से 20 सेकंड तक तेज झटके महसूस किए गए.
आपदा एजेंसी की चेतावनी
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के तट से लगभग 580 किलोमीटर दक्षिण और मलेशिया के सबा से करीब 1,000 किलोमीटर दूर समुद्र में था. इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
एजेंसी के अनुसार, लहरें भले ही छोटी हों, लेकिन आफ्टरशॉक के खतरे को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है. शुरुआती रिपोर्ट में कुछ घरों और एक चर्च को हल्के से मध्यम नुकसान की जानकारी मिली है, जबकि विस्तृत आकलन जारी है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चेतावनी
अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने शुरुआत में इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय इलाकों के लिए खतरे की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया.
फिलीपींस की सिस्मोलॉजी एजेंसी ने विनाशकारी सुनामी के खतरे से इनकार किया है, जबकि मलेशिया ने भी किसी तत्काल खतरे से इंकार करते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है.
पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर के अनुसार, गुआम, जापान, मलेशिया, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस और ताइवान के तटों पर 0.3 मीटर से कम ऊंचाई की लहरें उठ सकती हैं. जापान में यह लहरें 0.2 मीटर तक रहने की संभावना है, जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है.
इंडोनेशिया में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' यानी प्रशांत अग्नि वलय पर स्थित है. यह क्षेत्र दुनिया के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय इलाकों में गिना जाता है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं.
इसी कारण यहां अक्सर तेज भूकंप आते हैं और देश में 130 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी भी मौजूद हैं.


