होर्मुज पर ईरान का नया दांव, टोल नहीं लेकिन अब इस नाम पर वसूलेगा पैसा

ईरान ने साफ किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में सीधे टोल टैक्स नहीं लेगा, लेकिन सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के नाम पर जहाजों से शुल्क वसूलेगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच संभावित अंतरिम समझौते को लेकर नई जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि इस समझौते के तहत ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, समझौते की खबरों के बीच तेहरान ने नया रुख अपनाते हुए साफ किया है कि वह सीधे “टोल टैक्स” नहीं लेगा, लेकिन सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सेवाओं के नाम पर शुल्क जरूर वसूलेगा.

इस्माइल बगाई ने क्या कहा?  

सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि पश्चिमी मीडिया जानबूझकर “टोल टैक्स” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर ईरान की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य को समझौते के बाद पूरी तरह खोल दिया जाएगा, लेकिन जहाजों को सुरक्षा उपलब्ध कराने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सेवाओं के लिए भुगतान करना होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है. इसी वजह से ईरान और ओमान मिलकर जल्द एक नया प्रोटोकॉल जारी करेंगे, जिसमें होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नियम और शुल्क की व्यवस्था तय की जाएगी. ईरान का कहना है कि यह शुल्क जलमार्ग की सफाई और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी होगा.

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस मार्ग से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और इराक जैसे देश इसी रास्ते के जरिए तेल और गैस का निर्यात करते हैं.

कई जहाजों से भारी रकम की वसूली

गौरतलब है कि फरवरी 2026 के बाद ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर सुरक्षा शुल्क लगाना शुरू किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई जहाजों से भारी रकम वसूली गई, हालांकि भारत, चीन और पाकिस्तान के जहाजों को राहत दी गई थी. ईरान ने इसके लिए अलग प्रशासनिक ढांचा बनाने की भी घोषणा की थी, जिसकी निगरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हाथों में बताई गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच जिस अंतरिम परमाणु समझौते पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, उसमें यह भी शामिल है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी बाधा के खुला रखेगा और परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा. बदले में अमेरिका की ओर से ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और जब्त संपत्तियों को लौटाने की संभावना जताई जा रही है.

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