MP में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, धार में बनेगा 'सरस्वती लोक' और 'राजा भोज शोध संस्थान'

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहली बार मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भोजशाला और मां वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा-अर्चना करने पहुंचे. इस दौरान सीएम ने सरस्वती लोक’ विकसित करने की बात कही है.

Yashika Jandwani

भोपाल: मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में सोमवार का दिन बेहद ही खास रहा, क्योंकि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहली बार मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भोजशाला और मां वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा-अर्चना करने पहुंचे. वहीं धार्मिक और राजनीतिक तौर पर सीएम मोहन यादव का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बता दें, मुख्यमंत्री दोपहर करीब डेढ़ बजे भोजशाला पहुंचे थे, जहां पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया और पूरे परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था. इसके साथ वहां मौजूद श्रद्धालुओं में सीएम के आने की खुशी में काफी उत्साह देखने को मिला. 

धार के विकास को लेकर की अहम घोषणाएं 

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी के दर्शन करने के बाद हवन और वैदिक अनुष्ठान में भी हिस्सा लिया. साथ ही मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की. इस दौरान भोजशाला परिसर “जय मां सरस्वती” के नारों से गूंज उठा और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इसे ऐतिहासिक पल बताया.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने धार के विकास और सांस्कृतिक पहचान को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं. जानकारी के अनुसार, उन्होंने धार में ‘सरस्वती लोक’ विकसित करने की बात कही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नियमों और अनुमति के तहत इस क्षेत्र को सांस्कृतिक रूप से विकसित किया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने राजा भोज के इतिहास, ज्ञान और योगदान पर शोध के लिए ‘राजा भोज शोध संस्थान’ स्थापित करने की घोषणा भी की.

आर्थिक सहायता देने का ऐलान 

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने भोजशाला मुक्ति आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान भी किया है. उन्होंने प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की. बता दें, मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे धार शहर में उत्साह का माहौल नजर आया और जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे, इसके साथ ही लोग घंटों पहले से सड़कों पर जुटने लगे थे. 

खास बात ये रही कि तेज गर्मी के बावजूद भारी संख्या में समर्थक और श्रद्धालु मौजूद रहे. हाल ही में इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ के फैसले के बाद एएसआई ने हिंदू पक्ष को वर्षभर पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री का भोजशाला पहुंचना काफी अहम माना जा रहा है. 

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