लापता US पायलट की मां की दुआ पर ईरान का जवाब, कहा- हमारी कैद में ज्यादा सुरक्षित
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया, जिसमें एक पायलट लापता है. लापता पायलट की मां की भावुक पोस्ट पर ईरानी दूतावासों की तीखी प्रतिक्रिया ने विवाद और तनाव को और बढ़ा दिया.

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव ने हाल के दिनों में बेहद गंभीर रूप ले लिया है. शुक्रवार को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के दो सैन्य विमानों को मार गिराया. इन विमानों में एक F-15 फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल बताया गया.
लापता पायलट की मां ने लगाई गुहार
इस घटना में एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे पायलट का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जिससे चिंता और बढ़ गई है. इसी घटना के बाद लापता पायलट की मां ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने बताया कि उनका बेटा एक फाइटर पायलट है और वह उन विमानों में से एक में मौजूद था जिन्हें मार गिराया गया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनके बेटे और अन्य पायलटों की सलामती के लिए प्रार्थना करें. यह संदेश तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने सहानुभूति भी जताई.
हालांकि, इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावासों ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी. इन प्रतिक्रियाओं ने विवाद को और बढ़ा दिया. पाकिस्तान में स्थित ईरानी दूतावास ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पायलट ईरान की हिरासत में अधिक सुरक्षित रहेगा बनिस्बत इसके कि वह अमेरिकी नेतृत्व के साथ रहे. साथ ही यह भी कहा गया कि ईरान अपने कैदियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करता है.
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने भी इसी तरह का सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान की सभ्यता प्राचीन और मानवीय मूल्यों पर आधारित है और वह कैदियों के साथ क्रूरता नहीं करता. इसके विपरीत, उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों पर अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाए.
इस बीच, मध्य पूर्व का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण बना हुआ है. कई क्षेत्रों में हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं. बहरीन में चेतावनी सायरन बजाए गए, जबकि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया. इजरायल की ओर भी मिसाइल हमलों की सूचना मिली है. वहीं, पहाड़ी इलाकों में अमेरिकी बल अपने लापता पायलट की तलाश में ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद ले रहे हैं.
पूरी घटना इसलिए भी असामान्य मानी जा रही है क्योंकि एक पीड़ित मां के भावनात्मक संदेश पर किसी देश के आधिकारिक दूतावासों द्वारा इस तरह की तीखी प्रतिक्रिया देना कूटनीतिक दृष्टि से दुर्लभ है. यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच तनाव किस स्तर तक पहुंच चुका है.


