15 हजार ठिकानों पर हमले का दावा, अमेरिका-इजरायल की बमबारी से ईरान की लीडरशिप अंडरग्राउंड
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका ने बड़ा दावा किया है।अमेरिका और इजरायल ने 15 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले करने की बात कही है।अब ईरानी नेतृत्व के अंडरग्राउंड होने का दावा भी किया गया है।

अमेरिका ने दावा किया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका और इजरायल की वायु सेनाओं ने मिलकर 15 हजार से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि यह अभियान लगातार जारी है। हर दिन औसतन हजार से ज्यादा हमले किए जा रहे हैं। शुक्रवार को इस ऑपरेशन में सबसे ज्यादा हमले किए जाने का दावा भी किया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है। युद्ध के बीच दोनों पक्ष अपनी-अपनी सफलता की कहानी भी गढ़ रहे हैं।
क्या ईरान की लीडरशिप अंडरग्राउंड हो गई?
अमेरिकी रक्षा मंत्री का दावा है कि इन हमलों के बाद ईरान की शीर्ष नेतृत्व संरचना अंडरग्राउंड हो गई है। उनका कहना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए हैं। यह भी कहा गया कि उनके चेहरे को भी नुकसान पहुंचा है।हालांकि ईरान की तरफ से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। एक दिन पहले ही खामेनेई ने युद्ध जारी रखने का ऐलान किया था। इस बयान के बाद अब अमेरिका का यह दावा और चर्चा में आ गया है। युद्ध के माहौल में सूचना युद्ध भी उतना ही तेज चल रहा है।
क्या ईरान की रक्षा कंपनियों पर भी निशाना?
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा है कि ईरान की रक्षा उद्योग व्यवस्था को खत्म करने की रणनीति बनाई गई है। उनका कहना है कि ईरान की डिफेंस कंपनियां जल्द ही पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी। यह बयान बताता है कि हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं। बल्कि हथियार उत्पादन और रक्षा ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर कर सकता है। हालांकि ईरान ने अभी तक इन दावों पर विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी है। युद्ध का मैदान और बयानबाजी दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
क्या एक स्कूल पर हुए हमले की जांच भी शुरू हुई?
इसी बीच एक संवेदनशील मामला भी सामने आया है। दक्षिणी ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर जांच शुरू की गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह अधिकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बाहर का होगा। बताया गया कि जांच में सभी तथ्यों की पूरी पड़ताल की जाएगी।रिपोर्टों में कहा गया था कि इस हमले के लिए अमेरिकी सेना जिम्मेदार हो सकती है। इसी वजह से इस मामले की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या ईरान ने भी जवाबी हमले किए?
दूसरी तरफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ अरब देशों पर हमले किए। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।अमेरिका ने इसे गंभीर चेतावनी के रूप में लिया है। मध्य पूर्व में पहले से मौजूद सैन्य तनाव अब और गहरा हो गया है। कई देश इस जंग के फैलने की आशंका भी जता रहे हैं। युद्ध अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है।
क्या ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन सिस्टम भी तबाह हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के नेताओं का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। ट्रंप के बयान ने इस संघर्ष को और तीखा बना दिया है।इससे साफ है कि अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा।
क्या यह जंग और लंबी चलेगी?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी साफ संकेत दिए हैं कि ईरान पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपने लोगों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा।खाड़ी देशों को भी अमेरिकी ठिकाने बंद करने की चेतावनी दी गई है। इस बयान ने पूरे क्षेत्र में नई बेचैनी पैदा कर दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संघर्ष अभी जल्दी खत्म होता नहीं दिख रहा। मध्य पूर्व की यह जंग अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुकी है।


