बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, कल इन 15 मतदान केंद्रों पर फिर से होगी वोटिंग

चुनाव आयोग ने कल पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 पोलिंग स्टेशनों पर शनिवार को दोबारा वोटिंग का आदेश दिया है। मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा।

बीजेपी ने लगाया था ये आरोप 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह फैसला BJP की शिकायत के बाद आया। पार्टी ने आरोप लगाया कि फाल्टा में EVM के बटन टेप से ढके मिले। फाल्टा, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह इलाका TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है।

वोटरों और राजनीतिक दलों ने इन बूथों पर EVM से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और धांधली की शिकायतें दर्ज कराई थीं। सूत्रों के मुताबिक फाल्टा विधानसभा के 30 और बूथों पर भी दोबारा वोटिंग हो सकती है। इस पर चुनाव आयोग का फैसला आना बाकी है।

चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल की वोटिंग को किया रद्द 

इन बूथों पर 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण में वोटिंग हुई थी। चुनाव आयोग ने अब 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 58(2) के तहत उस वोटिंग को रद्द कर दिया है। यह प्रावधान चुनाव आयोग को अधिकार देता है कि अगर वोटिंग में गंभीर गड़बड़ी हो, जैसे EVM खराबी, बूथ पर कब्जा, हिंसा या प्रक्रिया में चूक, तो वह वोटिंग रद्द कर दोबारा मतदान करा सकता है।

विवादों में रहा दूसरा चरण 

दूसरा चरण काफी हंगामेदार रहा। पश्चिम बंगाल BJP ने आरोप लगाया कि EVM पर उनके उम्मीदवारों के नाम वाले बटनों को जानबूझकर टेप से ढक दिया गया था। इससे नाम दिख नहीं रहे थे। फाल्टा में तनाव ज्यादा बढ़ा।

यहां अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान चुनाव लड़ रहे थे। BJP नेताओं ने वीडियो जारी किए। उनमें EVM पैनल पर BJP और CPM उम्मीदवारों के नाम के पास टेप लगा दिख रहा था। इससे वोटिंग विकल्प बंद होने की आशंका जताई गई।

CEO ने जारी किया बयान 

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि जहां भी गड़बड़ी की पुष्टि होगी, वहां दोबारा वोटिंग होगी। उन्होंने चुनावी कदाचार पर "जीरो टॉलरेंस" की बात दोहराई। EC के नियमों के मुताबिक EVM बटन पर टेप, स्याही या परफ्यूम जैसी चीजें लगाना गंभीर अपराध है। इसे वोटिंग प्रक्रिया में दखल माना जाता है।

अग्रवाल ने बताया कि फैसला जिला चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा। शुरुआती जांच में नहीं लगा कि पोलिंग अधिकारियों ने मॉक पोल के दौरान मशीनों से छेड़छाड़ की। यानी गड़बड़ी वोटिंग के दौरान हुई हो सकती है।

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