ट्रंप की सलाह के बावजूद इजरायल ने ईरान पर किया हमला, तेहरान समेत कई शहरों पर दागीं मिसाइलें
ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. रविवार रात ईरान की ओर से हुए हमलों के बाद सोमवार तड़के इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.

नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच फिर एक बार तनाव बढ़ गया है. रविवार रात ईरान की ओर से हुए हमलों के बाद सोमवार तड़के इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और हालात फिर से बड़े संघर्ष की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई ठिकानों पर हमला किया. राजधानी तेहरान समेत इस्फहान, तब्रीज और पश्चिमी ईरान के अन्य इलाकों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं.
वहीं क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ोसी देशों तक भी महसूस किया गया और लेबनान की राजधानी बेरूत में भी विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई देने की जानकारी मिली है. गौरतलब है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उत्तरी इजरायल पर हुए ईरानी हमले का जवाब न देने की अपील की थी. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि इजरायल इस सलाह पर विचार कर रहा है. इसके बावजूद इजरायल ने सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना और ईरान के कई ठिकानों पर हमला कर दिया.
ईरान ने की हमले की पुष्टि
सोमवार सुबह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर हमले की पुष्टि की. संगठन ने आरोप लगाया कि इजरायल ने ईरानी सीमा के भीतर सैन्य कार्रवाई की है. आईआरजीसी के अनुसार, हमले में हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया.
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस्फहान में कम से कम तीन बड़े धमाके दर्ज किए गए. इसके अलावा तेहरान, तब्रीज और करज में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि इजरायल का दावा है कि उसके किसी भी लड़ाकू विमान ने ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया. इजरायली पक्ष का कहना है कि हमले दूरस्थ सैन्य प्लेटफॉर्म और युद्धपोतों से किए गए.
'तेहरान को जलना ही होगा'
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर का हालिया बयान भी काफी चर्चा में रहा. उन्होंने कहा था कि “तेहरान को इसकी कीमत चुकानी होगी.” उनके बयान को इजरायल के सख्त रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. इससे यह स्पष्ट होता है कि इजरायली नेतृत्व फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा.
इजरायल में हाई अलर्ट, अस्पतालों को दिए गए विशेष निर्देश
ईरान पर हमले के बाद इजरायल ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है. सरकार को आशंका है कि ईरान किसी भी समय जवाबी कार्रवाई कर सकता है. इसी कारण देशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने सुरक्षा कारणों से सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. इसके अलावा अस्पतालों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरत पड़ने पर भूमिगत सुविधाओं से काम करने की तैयारी रखें.
रविवार को ईरानी मिसाइल हमलों के बाद पहले ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं. अब परिवहन सेवाओं को सीमित क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है. हालांकि इजरायल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल हवाई अड्डों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा. दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है.


