Israel Iran War: श्रीलंका तट के पास ईरानी जहाज पर पनडुब्बी हमला, 101 लोग लापता...78 घायल

श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत पर पनडुब्बी हमले में 101 लोग लापता हैं और 78 घायल हुए हैं. श्रीलंका ने बचाव अभियान चलाकर कई लोगों को बचाया है. वहीं ईरान में नए नेता की तलाश अब तेज हो गई है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक भीषण घटना सामने आई है. श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र के बाहर ईरानी फ्रिगेट 'आईरिस डेना' पर एक घातक पनडुब्बी हमला हुआ है. जिसमें जहाज पर सवार 180 लोगों में से 101 लोग लापता हो गए हैं. श्रीलंका की नौसेना ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान अपने नेतृत्व परिवर्तन और हिज्बुल्लाह की सैन्य कार्रवाइयों के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है.

ईरानी युद्धपोत पर भीषण हमला 

श्रीलंका के तट से दूर अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में ईरानी फ्रिगेट आईरिस डेना पर हुए पनडुब्बी हमले ने सबको स्तब्ध कर दिया है. बुधवार को श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की कि इस हमले के बाद जहाज समुद्र में समाने लगा. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार. जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे. जिनमें से कम से कम 101 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. यह हमला किसने किया. इसकी जांच फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है.

श्रीलंका ने शुरू किया बचाव अभियान 

हमले की खबर मिलते ही श्रीलंका सरकार ने तत्परता दिखाई और अपने बचाव दलों को मौके पर रवाना किया. इस साहसी अभियान में अब तक लगभग 30 से 35 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. बचाए गए लोगों में से 78 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. जिन्हें उपचार के लिए श्रीलंका के दक्षिणी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लापता लोगों की तलाश के लिए नौसेना के गोताखोर और गश्ती जहाज लगातार समुद्री लहरों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.

ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी

ईरान में सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद राजनीतिक हलचल तेज है. न्यूज एजेंसी तस्नीम द्वारा जारी एक वीडियो में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है. वर्तमान में 'लीडरशिप काउंसिल' शासन का संचालन कर रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही देश के लिए एक नए 'सुप्रीम लीडर' के नाम का एलान कर दिया जाएगा. इस खबर से ईरानी जनता के बीच व्याप्त अनिश्चितता को कम करने का प्रयास किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे.

हिज्बुल्लाह का इजरायली ठिकानों पर प्रहार

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हिज्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ अपनी कार्रवाइयां और तेज कर दी हैं. संगठन ने दावा किया कि मंगलवार रात उन्होंने मध्य इजरायल स्थित एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के मुख्यालय पर ड्रोन से हमला किया. इसके अलावा. हिज्बुल्लाह की ओर से एक ड्रोन कंट्रोल बेस को निशाना बनाकर शक्तिशाली मिसाइलें भी दागी गईं. इन हमलों ने इजरायली सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर कर दिया है. जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की आंच और भड़क गई है.

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ते खतरे के बादल

ईरानी युद्धपोत पर हुए इस हमले और इजरायल-हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ते टकराव ने हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पनडुब्बी हमले की गंभीरता को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि युद्ध अब नए समुद्री मोर्चों पर फैल सकता है. श्रीलंका और ईरान के बीच इस हादसे को लेकर लगातार कूटनीतिक बातचीत जारी है. दुनिया भर के देश इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि वैश्विक शांति और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखा जा सके.

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