लेबनान पर इजराइल का बड़ा हमला, हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम की हत्या का दावा
लेबनान पर इजराइल के बड़े हमले के बीच हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम की मौत का दावा किया गया है. इस हमले में भारी जनहानि हुई है और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है.

नई दिल्ली: लेबनान में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. इजराइल ने बुधवार को बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक करते हुए हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया और दावा किया कि इस हमले में संगठन के प्रमुख नईम कासिम की मौत हो गई है.
इस हमले में भारी तबाही देखने को मिली है. लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के अनुसार, हमलों में 254 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,165 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इस घटना के बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है.
कई इलाकों में एक साथ हुए हमले
इजराइली सेना ने बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में एक साथ हमले किए. यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर की घोषणा की गई थी.
इजराइली सेना के मुताबिक, 2 मार्च से शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा हमला था. सेना ने दावा किया कि इसमें हिजबुल्लाह के 100 से अधिक कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
सीजफायर पर अलग-अलग बयान
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है. वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस समझौते में लेबनान भी शामिल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और इसे अलग रखा गया है.
ईरान का सख्त रुख
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मुद्दे पर अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि वह सीजफायर लागू करेगा या इजराइल के जरिए जंग जारी रखेगा, क्योंकि दोनों एक साथ नहीं चल सकते.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नई योजना
इसी बीच रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर प्रति बैरल 1 डॉलर का टोल लगाने की योजना बना रहा है. बताया जा रहा है कि यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में लिया जा सकता है.
ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सख्त निगरानी करेगा और उन्हें पहले अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी. इसके बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी.
ईरानी अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक हथियारों की आपूर्ति को रोका जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रक्रिया में समय लग सकता है.


