ईरान के खिलाफ इजरायल का नया प्लान... नेतन्याहू ने इन देशों के साथ गठबंधन के दिए बड़े संकेत
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और क्षेत्रीय देशों के साथ नया गठबंधन बनाया जा रहा है, जबकि अमेरिका जल्द सैन्य कार्रवाई खत्म करने की बात कर रहा है.

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच इजरायल ने अब एक नया मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ताजा बयान से साफ होता है कि ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है, बल्कि आने वाले समय में यह और तेज हो सकती है. खास बात यह है कि इजरायल अब इस संघर्ष को अकेले नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.
नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. उनका दावा है कि इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई ने ईरान की मौजूदा व्यवस्था को काफी कमजोर कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह दबाव आगे भी जारी रहेगा और समय आने पर इसके बड़े परिणाम देखने को मिल सकते हैं. इजरायली नेतृत्व का मानना है कि इस रणनीति से ईरान की ताकत को लंबे समय तक प्रभावित किया जा सकता है.
नए गठबंधन की तैयारी
नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि इजरायल क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण देशों के साथ मिलकर नया गठबंधन बना रहा है. हालांकि उन्होंने अभी इन देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन इतना जरूर कहा कि जल्द ही इस पर और जानकारी सामने आएगी. इस बयान से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इजरायल अब अपने कूटनीतिक दायरे को बढ़ाकर ईरान के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार करना चाहता है.
अरब देशों के साथ बढ़ता तालमेल
विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू के इस बयान के पीछे इजरायल और कुछ अरब देशों के बीच बढ़ते रिश्ते भी एक कारण हो सकते हैं. पिछले कुछ सालों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ा है और अब यह साझेदारी सुरक्षा मामलों में भी नजर आ सकती है. नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर भी सख्त रुख दिखाया और कहा कि इन खतरों को काफी हद तक कमजोर किया जा चुका है.
अमेरिका की भूमिका और संकेत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी काफी अहम है. उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में चल रहे सैन्य अभियान को समाप्त कर सकता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपना काम लगभग पूरा कर चुका है और आने वाले कुछ हफ्तों में वह इस अभियान से बाहर निकल सकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है.
ऊर्जा बाजार और होर्मुज का मुद्दा
ट्रंप ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि अन्य देश खुद ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल ले सकते हैं और अमेरिका इस मामले में सीधे तौर पर शामिल नहीं रहेगा. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है और यहां की स्थिति का असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ता है.
इजरायल और अमेरिका के ताजा बयानों से साफ है कि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य होने से दूर है. एक ओर जहां अमेरिका पीछे हटने के संकेत दे रहा है, वहीं इजरायल अपने अभियान को जारी रखने की बात कर रहा है. इससे यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और जटिल हो सकती है.


