काबुल अस्पताल हमले के बाद भड़का तालिबान, पाकिस्तान को दी कड़ी चेतावनी और बदले की बात

काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए भीषण हमले के बाद तालिबान ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की मौत का जवाब जरूर दिया जाएगा।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बड़े हमले से हिल गई। जानकारी के अनुसार नशा मुक्ति केंद्र के रूप में चल रहे अस्पताल को निशाना बनाया गया। इस हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर सामने आई है। तालिबान के मुताबिक मृतकों की संख्या 400 से ज्यादा हो सकती है। वहीं करीब 250 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को काबुल के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने पूरे अफगानिस्तान में गहरा दुख और आक्रोश पैदा कर दिया है।

क्या तालिबान ने दी जवाबी चेतावनी

तालिबान ने इस हमले के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि इस घटना का जवाब जरूर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सरकार बचाव कार्यों में लगी हुई है। मृतकों की पहचान और घायलों की मदद की जा रही है। लेकिन इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस हमले को भूला नहीं जाएगा। तालिबान का कहना है कि निर्दोष लोगों की मौत का हिसाब लिया जाएगा।

क्या प्रवक्ता मुजाहिद ने क्या कहा

जबीहुल्ला मुजाहिद ने मीडिया से बातचीत में घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला अफगान जनता के लिए गहरा सदमा है। मुजाहिद के अनुसार अस्पताल में मौजूद लोग मरीज थे। वे नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए इलाज करा रहे थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों का किसी सैन्य गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। इस वजह से यह हमला और भी गंभीर माना जा रहा है। उन्होंने इसे अमानवीय कृत्य बताया।

क्या पाकिस्तान ने आरोप नकारे

इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने नागरिक क्षेत्रों को निशाना नहीं बनाया। उसके अनुसार कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई थी। पाकिस्तान का दावा है कि हमले सुरक्षा कारणों से किए गए। लेकिन तालिबान ने इन दावों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अस्पताल पर हमला हुआ और यह सच छिपाया नहीं जा सकता।

क्या अस्पताल पूरी तरह तबाह

तालिबान प्रवक्ता के अनुसार हमले के बाद अस्पताल की इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि इमारत में आग लग गई थी। अंदर मौजूद कई हिस्से जलकर खाक हो गए। अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिला। कई लोग मलबे में दब गए। इस वजह से मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी। बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटा हुआ है।

क्या सैन्य मौजूदगी से इनकार

तालिबान ने साफ कहा कि अस्पताल में किसी तरह की सैन्य मौजूदगी नहीं थी। उनका कहना है कि यह पूरी तरह नागरिक चिकित्सा सुविधा थी। यहां केवल मरीजों का इलाज किया जा रहा था। अधिकतर लोग नशे की लत से उबरने के लिए भर्ती थे। इसलिए इस जगह पर हमला करना बेहद गंभीर अपराध माना जा रहा है। तालिबान का कहना है कि यह मानवता के खिलाफ कदम है।

क्या बढ़ सकता है सीमा तनाव

इस घटना के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। दोनों देशों के संबंध पहले से ही संवेदनशील बताए जाते हैं। हाल के महीनों में सीमा पर कई बार टकराव की खबरें सामने आई हैं। अब काबुल हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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