ईरान के खामेनेई ने ट्रंप को बताया जनता का हत्यारा, साजिशकर्ताओं को चेताया

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप को हालिया विरोध प्रदर्शनों में हिंसा और साजिश का जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि कोई भी साजिशकर्ता बख्शा नहीं जाएगा. ये प्रदर्शन आर्थिक संकट से शुरू हुए थे, लेकिन जल्दी ही सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान में जारी राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. खामेनेई ने हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों में हिंसा, जान-माल के नुकसान और कथित भड़काऊ प्रचार के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को जिम्मेदार ठहराया. 

खामनेई ने दी चेतावनी

खामनेई ने चेतावनी दी कि ईरान किसी भी देश या अंतरराष्ट्रीय साजिशकर्ता को माफ नहीं करेगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन पहले के आंदोलन से बिल्कुल अलग थे, क्योंकि इसमें अमेरिकी नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी देखी गई. उनका कहना है कि अमेरिका ने न केवल ईरान के खिलाफ साजिश की, बल्कि हिंसा को बढ़ावा देकर हजारों लोगों की जान ले ली और देश को भारी नुकसान पहुंचाया. खामेनेई ने जोर देकर कहा कि ऐसे साजिशकर्ताओं की कमर तोड़ी जाएगी और ईरानी राष्ट्र उन्हें बख्शने वाला नहीं है.

खामेनेई ने बयान में क्या कहा?

खामेनेई ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान युद्ध की राह नहीं अपनाना चाहता, लेकिन देश की अखंडता के खिलाफ काम करने वालों को छोड़ने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने मानवाधिकार संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 3,000 से अधिक लोगों की मौत हुई. खामेनेई ने इस हिंसा के पीछे अमेरिका और इजराइल से जुड़े तत्वों को दोषी ठहराया और कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होगी.

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कब हुई?

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 28 दिसंबर को आर्थिक संकट के चलते हुई थी. जैसे-जैसे ईरानी मुद्रा डॉलर के मुकाबले गिरती गई और स्थिति बिगड़ती गई, दुकानदारों और व्यापारियों ने हड़ताल शुरू की. जल्द ही यह आर्थिक विरोध प्रदर्शन सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया.

सरकार ने स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए करीब आठ दिनों तक इंटरनेट बंद रखा. हालांकि अब इंटरनेट सेवाओं में थोड़ी सुधार देखी जा रही है, लेकिन सड़कों पर भारी सुरक्षा बल और लगातार गिरफ्तारी के कारण माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है.

इस पूरी स्थिति ने देश में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है. खामेनेई की सख्त चेतावनी और अमेरिका पर आरोप इस बात का संकेत हैं कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं करेगा.

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