गाजा में फिर छाया मातम! ‘सेफ जोन’ अल-मवासी पर इजराइली बमबारी, 50 से ज्यादा की मौत

इजराइल ने गाजा के ‘सेफ जोन’ माने जाने वाले अल-मवासी इलाके पर जबरदस्त बमबारी की, जिसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. यह वही इलाका है जिसे युद्ध से बेघर लोगों के लिए सुरक्षित घोषित किया गया था, लेकिन अब वहां भी बम गिराए जा रहे हैं.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

गाजा में इजराइल की बमबारी अब और भी खतरनाक हो गई है. इस बार 'सेफ जोन' माने जाने वाला इलाके को निशाना बनाया गया है. अल-मवासी. रविवार को हुए इस हमले में 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, और इसके बाद इजराइल ने पूरे इलाके को खाली करने का आदेश दे दिया. अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसे एथनिक क्लींजिंग (जातीय सफाया) की कोशिश बता रही हैं.

गाजा में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. भोजन, पानी और ईंधन की भारी किल्लत है. लाखों लोग अस्थायी शिविरों में फंसे हैं, जबकि इजराइल साफ कर चुका है कि जब तक हमास का खात्मा और बंधकों की रिहाई नहीं होती, तब तक युद्धविराम का कोई सवाल ही नहीं उठता.

‘सेफ जोन’ अब नहीं रहा सुरक्षित

अल-मवासी को अब तक युद्ध से बेघर हुए लोगों के लिए एकमात्र सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था. लेकिन रविवार को इजराइल ने इसी पर सबसे भीषण हमला किया. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है. यह वही इलाका है जहां इजराइली सेना ने फिलिस्तीनियों को खुद खाली करने का आदेश दिया था. अब उसी क्षेत्र को निशाना बनाए जाने पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने कड़ा विरोध जताया है और इसे सुनियोजित जातीय सफाया की एक कड़ी बताया है.

शिविरों में भरे लाखों लोग

अल-मवासी अब महज एक निकासी क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह हजारों बेघर लोगों का अस्थायी आश्रय बन चुका है. राफा और खान यूनिस से पलायन कर चुके लोगों को यहीं शरण लेने को मजबूर होना पड़ा है. लेकिन अब यह शिविर भी सुरक्षित नहीं हैं. 18 मार्च को युद्ध फिर से शुरू होने के बाद से इजराइल ने टेंटों पर सीधा हमला करना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि UNRWA और अन्य राहत आश्रयों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया है. पिछले दो दिनों में ऐसे हमलों में 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

बच्चों को नहीं मिल पा रहा एक वक्त का भोजन

इजराइल ने 2 मार्च से गाजा में भोजन, ईंधन और मानवीय सहायता के प्रवेश पर रोक लगा दी है. इससे हालात बदतर हो गए हैं. ऑक्सफैम की नीति प्रमुख बुशरा खालिदी ने चेताया, बच्चे दिन में एक बार से भी कम खा रहे हैं और अपना अगले मील के लिए संघर्ष कर रहे हैं. गाजा में निश्चित रूप से कुपोषण और अकाल की स्थिति पैदा हो रही है. यह संकट सिर्फ भुखमरी तक सीमित नहीं है. शरण, सुरक्षा और स्वास्थ्य तक हर स्तर पर हालात बदतर हो चुके हैं.

इजराइल ने युद्धविराम से किया इंकार

इजराइल ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में युद्धविराम नहीं करेगा, जब तक कि हमास को पूरी तरह खत्म न कर दिया जाए और बंधकों की सुरक्षित रिहाई न हो जाए. इस रणनीति के तहत अब इजराइली सेना गाजा के हर हिस्से को निशाना बना रही है. चाहे वह आम नागरिक हों या फिर मानवीय सहायता शिविर.

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