1968 में लद्दाख-सिक्किम में दिखीं रहस्यमयी उड़ती वस्तुएं, 58 साल बाद सामने आई CIA की रिपोर्ट

अमेरिका द्वारा जारी डीक्लासिफाइड UFO दस्तावेजों में 1968 के दौरान लद्दाख, सिक्किम और नेपाल में देखी गई रहस्यमयी उड़ती वस्तुओं का जिक्र है. वहीं, पेंटागन द्वारा जारी 72 फाइलों में एफबीआई, सीआईए और रक्षा विभाग की रिपोर्टें शामिल हैं.

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नई दिल्ली: अमेरिकी सरकार द्वारा हाल ही में सार्वजनिक किए गए डीक्लासिफाइड यूएफओ दस्तावेजों में भारत के हिमालयी क्षेत्रों, खासकर लद्दाख और सिक्किम, में 1968 के दौरान देखी गईं अज्ञात उड़ती वस्तुओं का उल्लेख किया गया है. इन दस्तावेजों में शामिल सीआईए की एक रिपोर्ट में कई ऐसी घटनाओं का जिक्र है, जिन्होंने उस समय स्थानीय लोगों को हैरानी में डाल दिया था.

रिपोर्ट के अनुसार, 19 फरवरी 1968 को उत्तर सिक्किम के लाचुंग, लाचेन, ट्रांगु, मुगुथांग और छोल्हामू क्षेत्रों में लोगों ने आसमान में एक अजीब वस्तु को उड़ते हुए देखा था. यह वस्तु उत्तर-पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसके पीछे से बेहद तेज रोशनी निकल रही थी, जिससे आसपास का क्षेत्र कुछ समय के लिए चमक उठा. घटना के कुछ देर बाद गरज जैसी आवाज भी सुनाई दी थी.

लद्दाख में मार्च 1968 के दौरान दर्ज हुई कई घटनाएं

मार्च 1968 में लद्दाख के अलग-अलग इलाकों से भी ऐसी कई रिपोर्ट सामने आई थीं. 4 मार्च को चांग ला, फुकचे और कोयुल क्षेत्रों के निवासियों ने पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ती एक चमकीली सफेद रोशनी देखी. बताया गया कि इसके बाद दो तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं. कुछ लोगों ने लाल रंग की चमक और सफेद धुएं को भी देखने का दावा किया. उसी दिन अने ला इलाके में एक दूसरी रहस्यमयी वस्तु देखी गई, जो गोलाकार रास्ते में घूमती नजर आई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह उड़ती हुई वस्तु धुआं छोड़ रही थी और उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं.

रॉकेट जैसी आकृति ने खींचा लोगों का ध्यान

25 मार्च 1968 को फुकचे, कोयुल और डेमचोक क्षेत्रों में लोगों ने एक ऐसी वस्तु देखने की जानकारी दी, जिसकी आकृति रॉकेट जैसी बताई गई. इसके पीछे सफेद और पीले रंग का लंबा धुएं का निशान दिखाई दे रहा था. अनुमान लगाया गया कि यह वस्तु लगभग 20,000 से 25,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी.

नेपाल में मिला धातु का रहस्यमयी ऑब्जेक्ट

रिपोर्ट में नेपाल के कास्की क्षेत्र की एक घटना का भी उल्लेख है. 27 मार्च 1968 को वहां लोगों ने एक चमकदार वस्तु को तेज गति से आसमान में गुजरते देखा. बताया गया कि वह बीच-बीच में फ्लैश कर रही थी और उससे तेज आवाज भी आ रही थी. बाद में पोखरा के पास बाल्टिचौर इलाके में एक गड्ढे के भीतर धातु से बना डिस्क आकार का ऑब्जेक्ट मिलने की जानकारी दर्ज की गई. इसकी ऊंचाई करीब चार फीट और आधार लगभग छह फीट बताया गया.

ट्रंप प्रशासन की पहल के तहत सार्वजनिक हुए रिकॉर्ड

ये दस्तावेज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद पुराने यूएफओ और यूएपी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं. जारी फाइलों में 1940 के दशक से लेकर हाल के वर्षों तक की कई घटनाओं, तस्वीरों, वीडियो और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों को शामिल किया गया है.

पेंटागन ने बरतने को कहा है सावधानी

हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इन दस्तावेजों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है. अधिकारियों का कहना है कि कई रिकॉर्ड्स की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है और अब तक किसी भी मामले में एलियन तकनीक या पृथ्वी के बाहर जीवन से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है.

अमेरिका में भी देखे गए चमकते हुए रहस्यमयी गोले

शुक्रवार को जारी किए गए यूएफओ दस्तावेजों के तीसरे सेट में अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देखी गईं चमकदार गोलाकार वस्तुओं का भी जिक्र है. कुछ रिपोर्टों में इन गोलों का रंग लाल बताया गया है. इससे पहले ऐसे दस्तावेजों के दो अन्य सेट 8 मई और 22 मई को जारी किए जा चुके हैं.

पेंटागन द्वारा जारी 72 फाइलों में एफबीआई, सीआईए और रक्षा विभाग की रिपोर्टें शामिल हैं. इनमें गवाहों के बयान, वीडियो रिकॉर्डिंग और घटनाओं से जुड़े चित्र भी मौजूद हैं. एक रिपोर्ट में दो लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अपने घर के पीछे बेहद तेज लाल रोशनी वाला एक गोला देखा था. उनके अनुसार, वह लाल रंग इतना अलग और चमकदार था कि उन्होंने पहले कभी वैसा दृश्य नहीं देखा था. बताया गया कि उस गोले के बीच में बास्केटबॉल के आकार का एक चमकीला हिस्सा था, जो छोटे सूरज जैसा दिखाई देता था. First Updated : Saturday, 13 June 2026