नेपाल में Gen Z विरोध प्रदर्शन ने मचाया हंगामा, हिंसा और आगजनी के बीच 1500 कैदी हुए फरार
नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि देशभर की कई जेलों से 1500 से ज्यादा कैदी फरार हो गए. सबसे बड़ा मामला महोत्तरी जिले की जेलेश्वर जेल से सामने आया, जहां 572 कैदी दीवार तोड़कर भाग निकले.

Nepal Protest: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए युवाओं के प्रदर्शन ने अब हिंसक रूप ले लिया है. देशभर में फैली इस अशांति के बीच 1500 से ज्यादा कैदी विभिन्न जेलों से फरार हो गए. सबसे बड़ा मामला महोत्तरी जिले की जेलेश्वर जेल से सामने आया, जहां 572 कैदी दीवार तोड़कर भाग निकले.
इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और कैदियों की ओर से किए गए हमले में हालात बेकाबू हो गए. पूर्व प्रधानमंत्री और नेकपा के वरिष्ठ नेता झलनाथ खनाल की पत्नी रबी लक्ष्मी चित्रकार की भी मौत हो गई. प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके निवास पर आगजनी की घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं.
Amid violent protests in Nepal, two major jailbreaks reported: over 700 inmates escaped from prisons in Kaski and Tulsipur.
— Sri Lanka Tweet 🇱🇰 (@SriLankaTweet) September 9, 2025
Video shows protesters helping prisoners flee.#Nepal #NepalProtest #Jailbreak pic.twitter.com/ZAYqYaFvkj #nepalgenzprotests
जेल से फरार हुए 1500 से ज्यादा कैदी
पुलिस अधिकारी हरंब शर्मा ने जानकारी दी कि यह घटना शाम करीब 7 बजे हुई, जब 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी जेल के बाहर पहुंचे. उन्होंने बताया कि कैदियों के पास सिर्फ रसोई के औजार थे, लेकिन प्रदर्शनकारी लोहे की रॉड और क्रोबार जैसे औजार लेकर आए थे. ऐसे में पुलिस के लिए उन्हें रोक पाना मुश्किल हो गया और बड़ी संख्या में कैदी भागने में सफल हो गए.
Major prison break reported in Kathmandu, Nepal https://t.co/XB2TUx8oFg pic.twitter.com/Uoc02Fdtbd
— RT (@RT_com) September 9, 2025
झलनाथ खनाल की पत्नी की मौत
पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी रबी लक्ष्मी चित्रकार के आवास को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया. पार्टी नेता नरेश शाह के अनुसार, उन्हें गंभीर जलन की चोटें आई थीं और उन्हें नेपाली सेना अस्पताल, छाउनी के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
सेना और सुरक्षा एजेंसियों की अपील
नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने संयुक्त अपील जारी की है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और वार्ता के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की है. साथ ही सभी राजनीतिक दलों से भी शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया गया है.


