भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती से बौखलाया पाकिस्तान, अब देने लगा इस बात की दुहाई
पाकिस्तान ने भारत पर अफगानिस्तान का उपयोग आतंकवाद के केंद्र के रूप में करने का आरोप लगाया है. आईएसपीआर प्रमुख ने खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चुनौतियों और हथियारों की आपूर्ति पर चिंता जताई. तालिबान-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण हैं, जबकि भारत-अफगानिस्तान कूटनीतिक संबंध मजबूत हो रहे हैं.

Pakistan military allegations: हाल ही में घरेलू सुरक्षा संकट के बीच पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि भारत अफगानिस्तान का उपयोग पाकिस्तान की धरती पर आतंकवाद के संचालन के केंद्र के रूप में कर रहा है. यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तालिबानी नेतृत्व के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं.
खैबर पख्तूनख्वा की सुरक्षा स्थिति पर चिंता
लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पेशावर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के बढ़ने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें राष्ट्रीय कार्य योजना का ठीक से क्रियान्वयन न होना और आतंकवाद का राजनीतिकरण भी शामिल है. इसके साथ ही, उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान को पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए सुरक्षित आधार बनाने का काम कर रहा है.
हवाई हमलों के बीच तालिबान-पाकिस्तान तनाव
यह बयान काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के शिविरों पर पाकिस्तान के हवाई हमलों के ठीक बाद आया है. इन हमलों ने अफगानिस्तान के तालिबान शासन और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है. खास बात यह है कि ये हमले तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की पहली भारत यात्रा के दौरान हुए, जो इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं को दर्शाते हैं.
अफगानिस्तान में हथियार
आईएसपीआर प्रमुख ने अफगानिस्तान में आतंकवादियों को आधुनिक हथियार मिलने की बात भी कही, जिनमें 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद छोड़े गए हथियार शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की एकमात्र मांग है कि उसकी धरती का उपयोग आतंकवादी समूहों द्वारा न किया जाए. इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि टीटीपी, आईएस-के और बीएलए जैसे आतंकवादी समूह अफगानिस्तान में सक्रिय हैं और ये समूह केवल पैसा मिलने पर काम करते हैं.
पाकिस्तान की कड़ी चेतावनी
हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में आतंकवादियों के अफगान जमीन पर निरंतर प्रयोग के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 60 सालों तक अफगान शरणार्थियों की मेहमाननवाजी की कीमत अपने खून से चुकाई है और अब यह समय आ गया है कि अफगान मेहमान अपने घर लौटें और आतंक का चक्र समाप्त हो.
भारत-अफगानिस्तान संबंधों का बढ़ता असर
यह पूरा घटनाक्रम इस तथ्य को भी दर्शाता है कि पाकिस्तान ने तालिबान और भारत दोनों को एक संदेश देने के लिए अपने हमलों का समय चुना है. भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक जुड़ाव में तेजी आई है. तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से उच्चस्तरीय बैठकें की हैं, जो भारत-अफगानिस्तान संबंधों में सुधार का प्रतीक हैं.


