ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का दमदार असर, पाकिस्तानी सेना में मची खलबली, बातचीत करने की लगाई गुहार,
पाकिस्तान ने भारत पर बार-बार आरोप लगाता है कि वो आक्रामक बयान देता है और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालता है। पाकिस्तान बेतुका बयान देकर भारतो को घेरने की कोशिश करता है।

भारत पर बार-बार आरोप लगाने वाले पाकिस्तान ने एक बार फिर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली के रवैये की वजह से दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ी है। पाकिस्तान की असीम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना की ओर से दावा किया है कि दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता के कमजोर होने के पीछे भारत के सैन्यीकरण और भड़काऊ बयान जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान ने साथ ही भारत के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार भी भारत पर इस तरह के आरोप मढ़ती रही है। खासतौर से 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' का डर पाकिस्तान में दिखता रहा है।सिंगापुर में 'शांगरी-ला डायलॉग' शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तानी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नौमान जकारिया ने दावा किया, 'भारत का सैन्यीकरण, तीखी बयानबाजी और पड़ोसी देशों के बीच संकट प्रबंधन तंत्र की कमी क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रही है। हमारा मानना है कि भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद बातचीत की प्रक्रिया टूटनी नहीं चाहिए।'
बातचीत के लिए बेचैन पाकिस्तान
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी जकारिया ने कहा कि इतिहास सिखाता है कि रणनीतिक स्थिरता केवल प्रतिरोध से ही नहीं बल्कि संचार के माध्यम से बनी रह सकती है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि बातचीत कभी भी टूटनी नहीं चाहिए।
जकारिया ने कहा कि गलतफहमी कम करने और हथियारों की होड़ को रोकने के लिए देशों के बीच विश्वास-निर्माण के उपाय, पारदर्शिता तंत्र और तकनीकी बातचीत बेहद जरूरी हैं।
भारत-पाकिस्तान में तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के रिश्ते इस समय बेहद निचले स्तर पर हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। इस पर पाकिस्तान परेशान है और दुनियाभर के मंचों से इस पर बोल रहा है। पाकिस्तान लगातार भारत की इस बात के लिए आलोचना करता रहा है कि उसने सिंधु जल संधि को निलंबित करके उसकी खाद्य सुरक्षा को संकट में डाल दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई का डर भी पाकिस्तान को सताता रहा है।


