पाकिस्तान में पेट्रोल हुआ सस्ता, फिर भी क्यों रो रही जनता? भारत की तुलना में अभी भी इतना महंगा

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है, लेकिन आम लोगों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं. ईंधन की ऊंची कीमतों का असर अब खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक साफ दिखाई देने लगा है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन आम लोगों की मुश्किलें अब भी कम होती नहीं दिख रहीं. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की ऊंची कीमतों ने वहां के लोगों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है. हालात ऐसे हैं कि पेट्रोल के दाम गिरने के बावजूद लोग राहत महसूस नहीं कर पा रहे. वहीं भारत में हाल के दिनों में ईंधन महंगा हुआ है, लेकिन पाकिस्तान के मुकाबले अब भी कीमतें काफी कम हैं.

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल पर 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6.80 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है. पेट्रोलियम डिवीजन के मुताबिक नई कीमतें 23 मई से लागू कर दी गई हैं. कटौती के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 403.78 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 402.78 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. हालांकि राहत के इस फैसले के बावजूद आम लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है. 

ईंधन की कीमतें अब भी इतनी ज्यादा हैं कि रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है. कई परिवारों पर बचत खर्च करने का दबाव बढ़ गया है. वहीं, पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी कटोती की गई है, लेकिन केरोसीन तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. पाकिस्तान सरकार ने इसमें 1.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है. अब पाकिस्तान में केरोसीन तेल की नई कीमत 313.44 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

भारत और पाकिस्तान में कितना फर्क?

अगर भारत की बात करें तो दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल लगभग 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. हाल के दिनों में यहां भी तीन बार दाम बढ़ चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान के मुकाबले भारतीय उपभोक्ताओं पर बोझ काफी कम है. पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत से करीब चार गुना ज्यादा हैं. यही वजह है कि वहां परिवहन, खेती और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है.

रोजमर्रा की चीजें भी हुईं महंगी

पिछले सप्ताह भी शहबाज शरीफ सरकार ने ईंधन कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की ऊंची कीमतों का असर देश के अंदर लगातार बना हुआ है. ईंधन महंगा होने का सबसे बड़ा असर आम जरूरत की वस्तुओं पर पड़ता है. पाकिस्तान में ट्रांसपोर्ट सेक्टर बड़े पैमाने पर हाई-स्पीड डीजल पर निर्भर करता है. ऐसे में डीजल महंगा होने से ट्रक, बस, ट्रेन और खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनों का खर्च बढ़ जाता है.

ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और थ्रेशर जैसी कृषि मशीनों में भी डीजल का इस्तेमाल होता है. इसका असर सीधे सब्जियों, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दिखाई देता है. नतीजा यह है कि मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है.

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