इस्राइल और हमास के बीच लंबे समय से चल रहे घातक संघर्ष को रोकने के लिए छह हफ्ते का संघर्ष विराम रविवार सुबह 8:30 बजे से लागू हो गया है. इस ऐतिहासिक समझौते के तहत हमास पहले चरण में 33 बंधकों को रिहा करेगा, जबकि इस्राइल 700 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा.
यह समझौता दोनों पक्षों के लिए एक अहम कदम है, जो अब तक के सबसे विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से किया गया है. इस संघर्ष विराम को लेकर दुनिया भर की नजरें इस्राइल और हमास के आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं.
इस्राइल के मंत्रिमंडल ने शनिवार को संघर्ष विराम समझौते को मंजूरी दी. यह बैठक यहूदी सब्बाथ के दौरान आयोजित की गई, जो इस फैसले के महत्व को दर्शाता है. कैबिनेट में यह फैसला 24 के मुकाबले 8 वोटों से लिया गया. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा से लौटने वाले बंधकों के स्वागत की तैयारी के लिए एक विशेष कार्य बल को निर्देश दिया.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि यह समझौता स्थायी नहीं है। उन्होंने कहा, "हमास के साथ संघर्ष विराम अस्थायी है. यदि जरूरत पड़ी, तो हम दुबारा लड़ाई करेंगे." उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस समझौते में उन्हें पूरा समर्थन प्राप्त है.
हमास ने संघर्ष विराम के पहले चरण में 33 बंधकों को रिहा करने का वादा किया है. इसके बदले इस्राइल 700 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. इन कैदियों में कई हमास और इस्लामी आतंकी समूह के सदस्य शामिल हैं, जो हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में दोषी हैं.
फलस्तीनी सेना के प्रवक्ता ने बंधकों के परिवारों से अपील की है कि वे इस्राइल पर हमले रोकने का दबाव बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि हमले जारी रहे, तो बंधकों की जान को खतरा हो सकता है.
संघर्ष विराम के पहले चरण के तहत गाजा के कुछ हिस्सों से इस्राइली सेना पीछे हटेगी. इससे हजारों फलस्तीनी अपने घरों को लौट सकेंगे. हालांकि, जिन इलाकों में अभी भी इस्राइली सेना मौजूद है, वहां लोगों की वापसी संभव नहीं होगी.
मिस्र और गाजा को जोड़ने वाली राफा क्रॉसिंग को फिर से खोलने की तैयारी शुरू हो गई है. मिस्र के अधिकारियों ने सहायता सामग्री से भरे ट्रकों को सीमा पर तैनात कर दिया है.
हिजबुल्ला ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह फलस्तीनी लोगों के संघर्ष का नतीजा है. संगठन ने चेतावनी दी कि इस्राइल संघर्ष विराम का उल्लंघन न करे.
फलस्तीन के राष्ट्रपति मोहमूद अब्बास ने कहा कि गाजा फलस्तीन का अभिन्न हिस्सा है और उसकी पूरी जिम्मेदारी ली जाएगी। उन्होंने इस्राइल से गाजा से सेना पूरी तरह हटाने की अपील की. First Updated : Sunday, 19 January 2025