सिर और चेहरे पर पेट्रोल डाला गया, बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी पर जानलेवा हमला, पत्नी ने सुनाई खौफनाक आपबीती

बांग्लादेश के दामुद्या में एक भयावह घटना में हिंदू व्यापारी खोकोन चंद्र दास पर बदमाशों ने सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. पीड़ित गंभीर रूप से घायल है और इलाज के लिए ढाका रेफर किया गया है. घटना ने इलाके में खौफ और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

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नई दिल्ली: बांग्लादेश में एक बार फिर अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. शरियतपुर जिले के दामुद्या इलाके में बुधवार रात एक हिंदू व्यापारी पर बदमाशों ने बेरहमी से हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया. इस हमले में गंभीर रूप से झुलसे पीड़ित को इलाज के लिए ढाका रेफर किया गया है.

पीड़ित की पत्नी ने इस हमले को लेकर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि हमलावरों ने पहले उनके पति के सिर और चेहरे पर पेट्रोल डाला और फिर आग लगा दी, ताकि उनकी मौके पर ही मौत हो जाए. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.

कौन हैं पीड़ित खोकोन चंद्र दास?

घायल व्यक्ति की पहचान 50 वर्षीय खोकोन चंद्र दास के रूप में हुई है. वे केउरभंगा बाजार में दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करते हैं. बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो के मुताबिक, यह घटना बुधवार देर शाम कनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास हुई.

'पहचान लिया था, इसलिए जिंदा जलाने की कोशिश की'

खोकोन की पत्नी सीमा दास ने प्रोथोम आलो को बताया,"मेरे पति हर रात दुकान बंद कर दिनभर की बिक्री के पैसे लेकर घर लौटते हैं. बुधवार रात आतंकवादियों ने उन पर हमला किया. उन्होंने हमलावरों में से दो को पहचान लिया था, इसलिए उन्होंने उन्हें मारने की कोशिश की. उनके सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी."

सीमा ने आगे कहा,"इस इलाके में हमारा कोई दुश्मन नहीं है. किसी से हमारा कोई विवाद नहीं रहा. समझ नहीं आ रहा कि अचानक मेरे पति को ही निशाना क्यों बनाया गया."

घर लौटते समय ऑटो रिक्शा से उतारकर किया हमला

पुलिस के अनुसार, खोकोन चंद्र दास दुकान बंद कर ऑटो रिक्शा से घर लौट रहे थे. दामुद्या–शरियतपुर मार्ग पर केउरभंगा बाजार के पास बदमाशों ने उनका रास्ता रोका. आरोप है कि पहले उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई.

तालाब में कूदकर बचाई जान

हमले के दौरान जान बचाने के लिए खोकोन सड़क किनारे बने एक तालाब में कूद गए. स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए. इसके बाद ग्रामीणों ने घायल अवस्था में उन्हें शरियतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर ढाका रेफर कर दिया गया.

पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी नामजद

दामुद्या पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि इस मामले में रब्बी और सोहाग नाम के दो लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.

हाल के दिनों में हिंदुओं पर हमलों की कड़ी

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब हाल के हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं. कुछ सप्ताह पहले मयमनसिंह में कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और शव को आग के हवाले कर दिया गया था.

इसके बाद 24 दिसंबर को राजबारी जिले के पांगशा उपज़िला में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की कथित जबरन वसूली के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

बांग्लादेश में हिंदू आबादी

2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू आबादी करीब 1.31 करोड़ है, जो देश की कुल जनसंख्या का लगभग 7.95 प्रतिशत है. First Updated : Friday, 02 January 2026

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