होर्मुज से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता, 40,000 मीट्रिक टन LPG लेकर ‘शिवालिक’ जहाज ने पार किया स्ट्रेट
मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता देने की अनुमति दी है। 40,000 मीट्रिक टन LPG लेकर भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ सुरक्षित पार हो गया।

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ ने होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। यह जहाज करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह जहाज करीब सात दिनों में भारतीय तट पर पहुंच सकता है। इसके साथ ही एक और जहाज के भी जल्द भारत के लिए रवाना होने की जानकारी सामने आई है।
क्या भारत और ईरान के बीच जहाजों के लिए समझौता हुआ?
जानकारी के मुताबिक भारत और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित गुजरने को लेकर सहमति बनी है। यह समझौता दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद हुआ। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत को भी इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसी बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की अनुमति दी है।
क्या भारतीय नौसेना जहाज की सुरक्षा कर रही है?
रिपोर्ट के अनुसार ‘शिवालिक’ जहाज ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट से रवाना हुआ था। जहाज ने कुछ घंटे पहले ही होर्मुज स्ट्रेट पार किया। इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना जहाज को सुरक्षा प्रदान कर रही है। क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते पर कड़ी निगरानी रखी हुई है। ऐसे में भारतीय जहाज को सुरक्षित मार्ग देना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक संकट बढ़ सकता था?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है। अगर यह रास्ता बंद हो जाता तो वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ सकता था। हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके कारण कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है।
क्या ईरान ने भारत को दोस्त बताते हुए भरोसा दिया?
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने पहले ही संकेत दिया था कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि भारत हमारा दोस्त है और दोनों देश क्षेत्र में समान हित साझा करते हैं। राजदूत ने भरोसा जताया कि जल्द ही भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलने की खबर सामने आएगी।
क्या होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं हुआ है?
ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत स्थित प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भी स्थिति को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद नहीं किया है। हालांकि क्षेत्र में तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही में कुछ कठिनाइयां जरूर आई हैं। उनके मुताबिक अभी भी कुछ जहाज इस मार्ग से गुजर रहे हैं। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बड़ी राहत मिल सकती है।


