3 महीने की तनातनी खत्म? अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते की तैयारी, होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द होगा बहाल

अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते का खाका लगभग तैयार हो चुका है. वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही इस चर्चा के मसौदे में यह प्रस्ताव रखा गया है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते का खाका लगभग तैयार हो चुका है. वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही इस चर्चा के मसौदे में यह प्रस्ताव रखा गया है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला समुद्री जहाजों का आवागमन आगामी 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व के स्तर पर वापस आ जाएगा.

नाकेबंदी को हटाया जाएगा

इस संभावित समझौते के तहत शुरुआती चरण में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास लगी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटा लिया जाएगा. विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड के एक हिस्से को भी तत्काल प्रभाव से रिलीज कर दिया जाएगा.

 60 दिनों की अलग समय-सीमा

इस कूटनीतिक प्रगति के बावजूद परमाणु कार्यक्रम का पेच अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है. ईरान ने अभी तक अपनी परमाणु गतिविधियों को सीमित करने से जुड़ा कोई नया आश्वासन स्वीकार नहीं किया है। मसौदे के तहत समुद्री यातायात बहाल करने के लिए जहां 30 दिनों का समय तय है.

समय-सीमा बनाई गई

 परमाणु चिंताओं पर भविष्य की बातचीत के लिए अलग से 60 दिनों की समय-सीमा बनाई गई है. ईरान की टीम देश के सम्मान और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगी. यदि यह डील अंतिम रूप लेती है तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान पर हमला न करने की गारंटी देंगे जिससे वैश्विक ईधन और खाद्य सुरक्षा को फिर से पटरी पर लाया जा सकेगा.

तीन महीने के गतिरोध के बाद बड़ी सफलता

यह कूटनीतिक सफलता ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच फरवरी में भड़के भीषण सैन्य संघर्ष के लगभग तीन महीने बाद मिल रही है. इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले वैश्विक समुद्री व्यापार पर ब्रेक लग गया था. युद्ध की शुरुआत से पहले इस जलमार्ग से रोजाना लगभग 125 से 140 जहाज गुजरते थे.

तेल की कीमतों में उछाल

तनाव बढ़ने के बाद ईरान ने इस रास्ते पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया था और बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों पर नाकेबंदी लगा दी थी. इससे यातायात में भारी गिरावट आई और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 40 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया. जिसने दुनिया भर में महंगाई बढ़ा दी थी.

अमेरिकी नेतृत्व ने दिए सकारात्मक संकेत

भारत के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता में इस बात के संकेत दिए कि वार्ता अब एक निर्णायक मोड़ पर है. रुबियो ने कहा यह कहना पर्याप्त होगा कि कुछ प्रगति हुई है. ट्रम्प ने लिखा कि वाशिंगटन और तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए शांति व्यवस्था के ढांचे पर काफी हद तक बातचीत पूरी कर ली है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो