प्रेग्नेंसी में टायलनॉल लेने से ऑटिज्म का खतरा...जानिए US राष्ट्रपति के दावे पर क्या बोले विशेषज्ञ
Trump vaccine claims: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि गर्भावस्था में टायलनॉल(एसेटामिनोफेन) लेने से ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन मेडिकल विशेषज्ञों और संस्थाओं जैसे WHO, FDA और CDC ने इसे गलत बताया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऑटिज्म एक जटिल न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसका टायलनॉल या वैक्सीन से कोई स्पष्ट संबंध नहीं है. विशेषज्ञों ने ऐसे बयानों को गुमराह करने वाला बताया है.

Trump vaccine claims: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि गर्भावस्था के दौरान एसेटामिनोफेन (Tylenol) का उपयोग ऑटिज्म के जोखिम को "बहुत अधिक" बढ़ा सकता है. यह बयान दशकों की मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के विपरीत है, जो टायलनॉल को गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित पेन रिलीवर मानते हैं.
Oval Office से ट्रंप की ने दी चेतावनी
🚨 President Donald J. Trump announces FDA's new guidance alerting physicians to a potential link between acetaminophen (Tylenol) use during pregnancy and an increased risk of autism. pic.twitter.com/ZjVgEAR6MX
— The White House (@WhiteHouse) September 22, 2025
विशेषज्ञों और संस्थाओं का जवाब: कोई ठोस सबूत नहीं
CDC और मेडिकल विशेषज्ञों ने ट्रंप के दावे को खारिज किया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऑटिज्म एक जटिल न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है, जो 100 से अधिक जीन और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होती है. Tylenol निर्माता Kenvue ने कहा कि एसेटामिनोफेन गर्भवती महिलाओं के लिए अब भी सबसे सुरक्षित विकल्प है.
टायलनॉल के बिना जोखिम
Kenvue का कहना है कि Tylenol के बिना महिलाएं बुखार जैसी स्थितियों में खतरनाक विकल्पों की ओर बढ़ सकती हैं, जो मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है. वहीं, FDA ने अपने बयान में कहा कि एसेटामिनोफेन और ऑटिज्म के बीच सीधा कारण संबंध स्थापित नहीं हुआ है. FDA ने चिकित्सकों से व्यावसायिक निर्णय के आधार पर परामर्श देने की बात कही है.
वैक्सीन और ऑटिज़्म को लेकर भी ट्रंप के विवादास्पद बयान
ट्रंप ने बच्चों के वैक्सीनेशन शेड्यूल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नवजात बच्चों को Hepatitis B का टीका देना जल्दबाज़ी हो सकती है. उन्होंने कहा कि "बहुत सी चीजें एक ही बार में बच्चों के शरीर में डाली जा रही हैं". हालांकि, CDC और कई peer-reviewed अध्ययनों ने बार-बार स्पष्ट किया है कि टीकों का ऑटिज्म से कोई संबंध नहीं है.
ऑटिज़्म की बढ़ती दरें: क्या कहती है रिसर्च?
CDC के डेटा के अनुसार, 2022 में हर 31 में से 1 बच्चा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से प्रभावित पाया गया, जो 2020 में 1 में 36 और 2015 में 1 में 68 था. विशेषज्ञ इस बढ़ोत्तरी को बेहतर डायग्नोसिस, जागरूकता, और स्क्रीनिंग के प्रयासों से जोड़ते हैं, न कि किसी एक दवा या टीके से.
"Tylenol during pregnancy can be associated with a very increased risk of autism." - @POTUS pic.twitter.com/0FdBCOjtZk
— The White House (@WhiteHouse) September 22, 2025
हर ऑटिज्म जीन की अलग प्रकृति होती है
टेक्सास चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के वैक्सीन डेवलपमेंट सेंटर के को-डायरेक्टर डॉ. पीटर होटेज, जिनकी खुद की बेटी को ऑटिज्म है, ने कहा कि ऑटिज़्म के लिए किसी एक "स्मोकिंग गन" को जिम्मेदार ठहराना न केवल गलत बल्कि खतरनाक है. उन्होंने कहा कि हर ऑटिज्म जीन की अलग प्रकृति होती है और किसी एक रसायन या दवा को कारण बताना अवैज्ञानिक है.
डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने एक बार फिर विज्ञान और राजनीति के टकराव को उजागर किया है. जबकि ट्रंप ने Tylenol और टीकों को लेकर गंभीर दावे किए हैं, चिकित्सा जगत में इन दावों को सबूतों की कमी के कारण खारिज किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटिज्म एक जटिल स्थिति है, जिसका कोई एक कारण नहीं है, और इसे लेकर गलत सूचनाओं से बचना बेहद जरूरी है.


