ईरान के खिलाफ युद्ध में ट्रम्प ने खुद को बताया मजबूत, 10 में से 15 अंक दिए
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने युद्ध के मोर्चे पर अमेरिकी सेना के प्रदर्शन को बहुत मजबूत बताते हुए इसे 10 में से 15 अंक दिए.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने युद्ध के मोर्चे पर अमेरिकी सेना के प्रदर्शन को 'असाधारण' बताते हुए इसे 10 में से 15 अंक दिए. ट्रंप ने दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय में अभियान ने तेज़ और निर्णायक प्रगति हासिल की है.
व्हाइट हाउस में प्रौद्योगिकी अधिकारियों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी इस संघर्ष में बढ़त बनाए हुए हैं. उन्होंने दोहराया कि मौजूदा हालात में अमेरिकी सेना बेहद मजबूत स्थिति में है और दुश्मन के नेतृत्व को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.
युद्ध प्रदर्शन पर क्या बोले ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने आत्मविश्वास से कहा, "युद्ध के मोर्चे पर हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, सीधे शब्दों में कहें तो. किसी ने पूछा कि 10 में से आप इसे कितने अंक देंगे? मैंने कहा लगभग 15."
उन्होंने संकेत दिया कि सैन्य रणनीति प्रभावी साबित हो रही है और अमेरिकी बलों को निर्णायक बढ़त मिल रही है.
ईरानी नेतृत्व पर लगातार हमले
ट्रंप ने दावा किया कि अभियान के दौरान ईरान के शीर्ष नेतृत्व को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा, "हम अभी बहुत मजबूत स्थिति में हैं, और उनका नेतृत्व तेजी से खत्म हो रहा है. जो भी नेता बनना चाहता है, उसकी मौत हो जाती है."
उनके इस बयान से साफ है कि अमेरिकी रणनीति का फोकस ईरान की कमान संरचना को कमजोर करना है.
युद्ध पांचवें दिन में, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
यह संघर्ष अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है. मध्य पूर्व के कई हिस्सों से नए विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं, जबकि अमेरिकी सेनाएं इजरायल के साथ मिलकर समन्वित अभियान चला रही हैं.
इसी दौरान एक नाटकीय घटनाक्रम में अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया. इसे नौसैनिक मोर्चे पर संघर्ष के बड़े विस्तार के रूप में देखा जा रहा है.
पेंटागन का लक्ष्य
पेंटागन के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को निष्क्रिय करना और उसके सैन्य ढांचे को कमजोर करना है. ट्रंप ने भी इस पर जोर देते हुए कहा, "उनके बैलिस्टिक मिसाइलों के जखीरे को तेजी से नष्ट किया जा रहा है."
उन्होंने दावा किया कि तेहरान की प्रमुख हथियार प्रणालियों को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है.
परमाणु मुद्दे पर ट्रंप की दो टूक चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वह देश परमाणु हथियार हासिल करने के बेहद करीब पहुंच चुका था. उन्होंने कहा, "जब पागल लोगों के पास परमाणु हथियार होते हैं, तो बुरी चीजें होती हैं."
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये हमले आवश्यक थे. साथ ही उन्होंने संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई अभियान जारी रखने का संकेत देते हुए कहा, "हम आगे बढ़ते रहेंगे", जिससे साफ है कि यह सैन्य कार्रवाई अभी थमने वाली नहीं है.
युद्ध के बाद की रणनीति पर स्पष्टता नहीं
हालांकि प्रशासन के बयान आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, लेकिन युद्ध समाप्त होने के बाद की रणनीति पर अभी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है. आलोचकों ने ट्रंप के उस पुराने चुनावी वादे की याद दिलाई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे “कोई नया युद्ध शुरू नहीं करेंगे.”
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि ट्रंप इस बात पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं कि सैन्य अभियान समाप्त होने के बाद ईरान में अमेरिका की भूमिका क्या होगी. हालांकि, वाशिंगटन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या उसका अंतिम लक्ष्य तेहरान में सत्ता परिवर्तन है.


