क्या है सेना का तीन थिएटर कमांड वाला प्लान? आजादी के बाद पहली बार होगा ये बड़ा बदलाव!

अभी थल सेना जमीन पर, नौसेना समुद्र में और वायु सेना हवा में अलग-अलग ऑपरेशन करती हैं। युद्ध के वक्त तीनों को एक साथ काम करना पड़ता है। थिएटर कमांड में पूरे देश को बड़े हिस्सों में बांटकर हर हिस्से की कमान एक फॉर स्टार ऑफिसर को दी जाएगी।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: भारतीय सेना में आजादी के बाद सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने का फाइनल प्रस्ताव सौंप दिया है। यह प्रस्ताव आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के चीफ्स से महीनों की चर्चा के बाद तैयार हुआ है। मंजूरी मिलते ही तीनों सेनाओं का काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

क्या है थिएटर कमांड प्लान? क्यों है जरूरी 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी थल सेना जमीन पर, नौसेना समुद्र में और वायु सेना हवा में अलग-अलग ऑपरेशन करती हैं। युद्ध के वक्त तीनों को एक साथ काम करना पड़ता है। थिएटर कमांड में पूरे देश को बड़े हिस्सों में बांटकर हर हिस्से की कमान एक फॉर स्टार ऑफिसर को दी जाएगी। 

उस कमांडर के अधीन तीनों सेनाओं के जवान, टैंक, जहाज, हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट होंगे। इससे फैसले तेज होंगे और कमांड एक जगह से चलेगी। युद्ध में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल जबरदस्त होगा। बता दें कि CDS जनरल बिपिन रावत ने भी इसी मॉडल का सपना देखा था।

CDS के प्रस्ताव में क्या है खास   

आपको बताते चलें कि प्रस्ताव में चार स्टार रैंक के थिएटर कमांडर बनाने की सिफारिश है। इनका रैंक तीनों सेना प्रमुखों के बराबर होगा। हर थिएटर में तीनों सेनाओं के हथियार और सैनिक इन्हीं के कंट्रोल में रहेंगे। साथ में वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद भी बनेगा।

हर थिएटर में डिप्टी कमांडर दूसरी सेना से होगा ताकि तीनों सेनाओं को बराबर जगह मिले। कुछ स्पेशल एयर फोर्स हथियार दिल्ली से ही कंट्रोल होंगे। जरूरत पड़ने पर इन्हें किसी भी थिएटर में तुरंत भेजा जा सकेगा। संसाधन और रैंकिंग पर सालों से चल रही बहस के बाद यह ड्राफ्ट तैयार हुआ है।

ऐसे होंगें 3 बड़े थिएटर कमांडर 

बताया यह भी जा रहा है कि भारत में तीन मेन थिएटर कमांड बनेंगे। पहला वेस्टर्न थिएटर कमांड पाकिस्तान मोर्चे के लिए होगा। इसे संभवतः एयर फोर्स का अफसर लीड करेगा। दूसरा नॉर्दर्न थिएटर कमांड चीन बॉर्डर के लिए होगा जिसकी कमान आर्मी अफसर संभालेगा। 

इसके साथ ही तीसरा मैरीटाइम थिएटर कमांड समुद्री सुरक्षा देखेगा और इसे नेवी अफसर चलाएगा। इन तीनों में तीनों सेनाएं मिलकर काम करेंगी। इससे चीन और पाकिस्तान दोनों तरफ से आने वाले खतरे का तेज और एकजुट जवाब दिया जा सकेगा।

अब आगे क्या होगा? 

गौरतलब है कि केंद्रीय रक्षा मंत्रालय राजनाथ सिंह अब इस प्रस्ताव को देखेंगे। फिर इसे कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी यानी CCS के पास भेजा जाएगा। CCS की हरी झंडी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। जिसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

वहीं मई 2026 की शुरुआत में CDS जनरल अनिल चौहान जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस बुलाने वाले हैं। इसमें सभी टॉप सैन्य अफसरों को नए सिस्टम की पूरी जानकारी दी जाएगी। तीनों सेनाएं पहले से ही जॉइंट ऑपरेशन की तैयारी कर रही हैं।

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