'UN ने नहीं, मैंने भारत-पाकिस्तान समेत 7 युद्ध रुकवाए', UNGA में ट्रंप ने फिर लिया क्रेडिट

संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाक समेत सात युद्धों को सिर्फ सात महीनों में समाप्त किया. वहीं, भारत ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि संघर्ष विराम केवल द्विपक्षीय समझौता था.

Simran Sachdeva

Donald Trump: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में मदद की. ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को उन 7 वैश्विक संघर्षों में शामिल किया, जिन्हें उन्होंने केवल 7 महीनों में समाप्त करने का श्रेय लिया.

ट्रंप ने कहा कि मैंने सिर्फ 7 महीनों में 7 युद्धों को खत्म कर दिया है. इसमें कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा, पाकिस्तान और भारत, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, और आर्मेनिया और अजरबैजान शामिल हैं.

ट्रंप ने UN पर भी उठाए सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र पर भी कटाक्ष किया और कहा कि UN अपने संभावित स्तर तक काम नहीं कर रहा है. ट्रंप का ये भाषण उनके सत्ता में लौटने के बाद विश्व संस्था में पहला संबोधन था.

ट्रंप ने आगे कहा कि विश्व मंच पर, हम एक बार फिर ऐसे काम कर रहे हैं जिनसे हमें पहले कभी इतना सम्मान नहीं मिला. हम शांति समझौते कर रहे हैं और युद्धों को समाप्त कर रहे हैं. हमने भारत और पाकिस्तान, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध रोके हैं.  ट्रंप ने मजाक में ये भी कहा कि उन्हें ना सिर्फ अपनी भविष्य की महत्वाकांक्षाओं के लिए, बल्कि अपने पिछले प्रयासों के लिए भी कई नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए. 

भारत ने बार-बार नकारा तीसरे पक्ष की भूमिका

हालांकि, भारत ने हमेशा ये स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी. भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्र ने बताया कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने अपने भारतीय समकक्ष को कॉल किया और दोनों पक्षों ने सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति दी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के DGMO ने अपने भारतीय समकक्ष को कॉल किया और दोनों पक्षों ने सभी फायरिंग और सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति दी.

10 मई को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 'पूर्ण और तुरंत' संघर्ष विराम की घोषणा की थी, जिसे उन्होंने वॉशिंगटन नेतृत्व वाले वार्ता की एक 'लंबी रात' के बाद हासिल बताया. भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज किया और कहा कि यह केवल द्विपक्षीय समझौता था.

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