USAID पर ट्रंप की सख्ती, 2000 कर्मचारियों की नौकरी गई, हजारों को छुट्टी पर भेजा!

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए USAID के 2000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी और हजारों को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया. इससे पहले भी ट्रंप USAID को कमजोर करने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन कानूनी रुकावटों के कारण कदम पीछे खींचने पड़े थे. अब नए फैसले के बाद यह एजेंसी मुश्किल में पड़ गई है. दिलचस्प बात यह है कि इसमें एलन मस्क की भूमिका भी बताई जा रही है. आखिर क्यों चलाया गया USAID पर ट्रंप का डंडा? पूरी खबर पढ़ें...

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Edited By: Aprajita

Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) पर बड़ा फैसला लेते हुए हजारों कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया है और अमेरिका में 2000 पदों को खत्म करने की घोषणा कर दी है. इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन ने USAID को कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन तब कानूनी अड़चनें आ गई थीं. अब एक बार फिर ट्रंप ने इस एजेंसी पर अपनी सख्ती बढ़ा दी है, जिससे कई कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं.

USAID पर क्यों चला ट्रंप का डंडा?

ट्रंप प्रशासन शुरू से ही USAID को बंद करने या इसे छोटा करने की कोशिश करता रहा है. यह एजेंसी दुनिया भर में विकास कार्यों के लिए जानी जाती है, लेकिन ट्रंप इसे अमेरिका के संसाधनों की बर्बादी मानते रहे हैं.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासक कार्यालय द्वारा USAID कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में यह साफ कर दिया गया कि संगठन में कार्यबल की कटौती की जा रही है और 2000 पदों को खत्म किया जा रहा है. इससे पहले जब ट्रंप ने इसी तरह का कदम उठाने की कोशिश की थी, तो एक संघीय अदालत ने रोक लगा दी थी. लेकिन अब अदालत ने यह भी कहा है कि यह रोक स्थायी नहीं होगी, यानी ट्रंप को अपना फैसला लागू करने का रास्ता मिल गया.

कर्मचारियों को अचानक छुट्टी पर भेजा गया

रविवार (23 फरवरी, 2025) रात को जारी किए गए एक नोटिस में कहा गया कि सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को काम करने दिया जाएगा जो किसी महत्वपूर्ण मिशन पर हैं या विशेष रूप से नामित कार्यक्रमों के तहत आते हैं. बाकी सभी कर्मचारियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है.

हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि कितने कर्मचारियों को "महत्वपूर्ण" माना गया है और वे अपनी नौकरी पर बने रहेंगे. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से कई कर्मचारियों के करियर पर सवाल खड़े हो गए हैं.

USAID को खत्म करने की कोशिश में एलन मस्क की भूमिका?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के सबसे अमीर शख्स और अरबपति एलन मस्क के नेतृत्व वाला सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) USAID को खत्म करने की कोशिश में जुटा है. मस्क पहले भी सरकारी खर्चों में कटौती की बात करते रहे हैं, और ऐसा माना जा रहा है कि उनकी योजना के तहत USAID को बंद करने की तैयारी चल रही है.

600 अमेरिकी कर्मचारी करेंगे बाकी काम

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, USAID के उप प्रशासक पीट मारको ने बताया कि USAID के कर्मचारियों और उनके परिवारों की विदेश यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 600 अमेरिकी कर्मचारी तैनात रहेंगे. यानी, USAID का संचालन पूरी तरह बंद नहीं होगा, लेकिन भारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

अगले कदम पर नजर, क्या पूरी तरह खत्म होगा USAID?

ट्रंप के इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या USAID को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा या सिर्फ इसका आकार छोटा किया जा रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले पर अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में क्या प्रतिक्रिया होती है और इसका असर दुनियाभर में चल रहे विकास कार्यों पर कितना पड़ता है.

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