अमेरिका इजरायल का रिश्ता इतना मजबूत क्यों, हर टकराव में साथ खड़े रहने की ये 6 बड़ी वजहें चौंकाने वाली हैं

अमेरिका और इजरायल की दोस्ती सिर्फ रणनीति नहीं है। इसके पीछे राजनीति, हथियार, धर्म और खुफिया ताकत का बड़ा खेल छिपा है, जो हर संकट में साथ खड़ा करता है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

अमेरिका इजरायल को अपना सबसे भरोसेमंद साथी मानता है। वह उसे मध्य पूर्व में अपनी मजबूत मौजूदगी के तौर पर देखता है। इजरायल वहां अमेरिका की रणनीतिक ताकत है। खाड़ी क्षेत्र में उसकी पकड़ बनाए रखने में मदद करता है। ईरान के खिलाफ भी यही देश ढाल बनता है। यही वजह है कि हर हाल में अमेरिका उसके साथ खड़ा दिखता है। यह रिश्ता सिर्फ दोस्ती नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी है।

क्या हथियारों का खेल भी है?

अमेरिका हर साल इजरायल को अरबों डॉलर की सैन्य मदद देता है। यह पैसा फिर अमेरिकी हथियार खरीदने में ही लगता है। जब इजरायल इन हथियारों का इस्तेमाल करता है तो असली डेटा मिलता है। इससे अमेरिका अपने हथियार और बेहतर बनाता है। यह एक तरह से लाइव टेस्टिंग जैसा होता है। इसलिए यह रिश्ता दोनों के लिए फायदेमंद है।

क्या खुफिया जानकारी अहम है?

इजरायल की खुफिया एजेंसी दुनिया की सबसे तेज मानी जाती है। उसका नेटवर्क कई देशों में फैला है। वह अमेरिका को अहम जानकारी देता है। खासकर ईरान और आतंकी गतिविधियों पर। यह जानकारी अमेरिका के लिए बहुत काम की होती है। इससे हमले रोकने और फैसले लेने में मदद मिलती है। दोनों देशों के बीच भरोसा यहीं से मजबूत होता है।

क्या टेक्नोलॉजी और कारोबार जुड़ा है?

इजरायल टेक्नोलॉजी में बहुत आगे है। वहां कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों के सेंटर हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और इंटेल जैसी कंपनियां वहां काम करती हैं। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ता मजबूत होता है। इजरायली कंपनियां अमेरिका में रोजगार भी देती हैं। यह साझेदारी लंबे समय से चल रही है।

क्या राजनीति भी बड़ा कारण है?

अमेरिका में इजरायल समर्थक समूह काफी ताकतवर हैं। इनका असर चुनावों पर पड़ता है। कोई भी नेता इनके खिलाफ नहीं जाना चाहता। अगर गया तो राजनीतिक नुकसान हो सकता है। इसलिए हर राष्ट्रपति इजरायल के साथ खड़ा रहता है। यह घरेलू राजनीति का बड़ा सच है।

क्या धर्म भी जुड़ा हुआ है?

अमेरिका में एक बड़ा वर्ग धार्मिक वजहों से इजरायल का समर्थन करता है। ईसाई समुदाय इसे अपना कर्तव्य मानता है। यहूदियों की सुरक्षा को जरूरी समझता है। यह सोच राजनीति को भी प्रभावित करती है। इसी वजह से समर्थन लगातार बना रहता है।

क्या इतिहास भी इस रिश्ते की जड़ है?

दूसरे विश्व युद्ध के बाद कई यहूदी अमेरिका पहुंचे थे। इनमें वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी शामिल थे। उन्होंने अमेरिका को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया। परमाणु और तकनीकी विकास में उनकी भूमिका रही। इससे दोनों देशों के बीच गहरा रिश्ता बना जो आज भी कायम है।

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