पंजाब में सियासी हलचल तेज, पूर्व मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी से सत्ता और सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर को आत्महत्या उकसाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

पंजाब के पूर्व मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ से हुई। मामला वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी की मौत से जुड़ा है। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई जांच के आधार पर की गई है। इस खबर के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। कई सवाल उठने लगे हैं। मामला अब गंभीर रूप ले चुका है।

क्या आत्महत्या मामले से जुड़ा है केस?

यह पूरा मामला गगनदीप सिंह रंधावा की मौत से जुड़ा है। वह पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन में जिला प्रबंधक थे। आरोप है कि उन्होंने जहर खाकर जान दी। उनके परिवार और कुछ नेताओं ने भुल्लर पर दबाव डालने का आरोप लगाया। इसी आधार पर केस दर्ज हुआ। पुलिस अब इसी एंगल से जांच कर रही है। सच क्या है, यह जांच में सामने आएगा।

क्या इस्तीफा पहले ही दे दिया था?

गिरफ्तारी से पहले ही भुल्लर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर लगातार आरोप लग रहे थे। दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी बीच उन्होंने पद छोड़ दिया। इससे साफ था कि मामला गंभीर है। लेकिन इसके बाद भी जांच जारी रही। अब गिरफ्तारी ने मामले को और बड़ा बना दिया है।

क्या संसद तक पहुंचा मामला?

यह मुद्दा संसद में भी उठाया गया। अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इसे उठाया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। शाह ने कहा कि अगर सभी सांसद लिखित मांग करें तो सीबीआई जांच कराई जा सकती है। इससे मामला राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। राजनीति अब और गरमा सकती है।

क्या भुल्लर ने खुद सरेंडर किया?

गिरफ्तारी से पहले भुल्लर ने सोशल मीडिया पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह भागे नहीं हैं। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। उन्होंने खुद को सरेंडर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह सच और न्याय में विश्वास रखते हैं। इस बयान के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

क्या सरकार का रुख सख्त है?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। कोई भी बड़ा या छोटा हो, कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी को बचाया नहीं जाएगा। यह बयान साफ संकेत देता है कि सरकार दबाव में नहीं झुकेगी।

क्या आरोपों में और भी खुलासे होंगे?

इस मामले में और आरोप भी सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी पर टेंडर देने का दबाव डाला गया था। यह आरोप जांच का हिस्सा बन सकते हैं। आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। पूरे मामले पर अब सबकी नजर बनी हुई है।

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