अमेरिका का बड़ा कदम: चीन की तेल रिफाइनरी और 40 निर्यातकों पर प्रतिबंध, वैश्विक ईंधन बाजार में हलचल
अमेरिका ने चीन की एक बड़ी तेल रिफाइनरी और ईरान से जुड़े 40 तेल निर्यात नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाकर वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ा दी है. इस कदम को ईरान के तेल कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है.

नई दिल्ली: अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लेते हुए चीन स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और ईरानी तेल के परिवहन से जुड़े करीब 40 शिपिंग कंपनियों और टैंकरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं. इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार में हलचल तेज हो गई है.
ट्रंप प्रशासन का यह कदम ईरान की आय के प्रमुख स्रोत को कमजोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अमेरिका लंबे समय से ईरान के तेल कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है, और यह ताजा कार्रवाई उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.
ईरान के तेल नेटवर्क पर सीधा प्रहार
अमेरिका द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान के उस नेटवर्क को तोड़ना है, जिसके जरिए वह अपने तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाता है. इसमें शिपिंग कंपनियां, टैंकर और तेल खरीदने वाले शामिल हैं.
यह कार्रवाई ईरान के राजस्व स्रोतों को सीमित करने की रणनीति का हिस्सा है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति पर असर डाला जा सके.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी का असर
इसी महीने अमेरिका ने फारस की खाड़ी के अहम जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी भी लागू की है. यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
हेंगली पेट्रोकेमिकल भी निशाने पर
शुक्रवार को घोषित प्रतिबंधों में चीन के डालियान बंदरगाह शहर में स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल की सुविधा को भी शामिल किया गया है. यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग चार लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है और चीन की सबसे बड़ी स्वतंत्र रिफाइनरियों में गिनी जाती है.
अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, यह रिफाइनरी 2023 से ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति ले रही है, जिससे ईरानी सेना को करोड़ों डॉलर का राजस्व प्राप्त हो रहा है.
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
परमाणु ईरान विरोधी संगठन यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान ने फरवरी 2025 में दावा किया था कि हेंगली उन कई चीनी कंपनियों में शामिल है, जो ईरान से तेल खरीद रही हैं.
इस रिपोर्ट के बाद से ही इस रिफाइनरी पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई थी.
अमेरिका का सख्त संदेश
अमेरिकी वित्त मंत्री स्काट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि उनकी एजेंसी ईरान के तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रखेगी.
उन्होंने कहा, "उनकी एजेंसी ईरान द्वारा अपने तेल को वैश्विक बाजारों में पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहाजों, बिचौलियों और खरीदारों के नेटवर्क को रोकना जारी रखेगी."
कई देशों को दी गई चेतावनी
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के वित्तीय संस्थानों को पत्र भेजकर ईरान के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी.
साथ ही इन देशों पर यह आरोप भी लगाया गया कि वे अपने वित्तीय नेटवर्क के जरिए ईरान की अवैध गतिविधियों को संचालित होने दे रहे हैं.


