UP ATS का बड़ा खुलासा: 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' बनाने की साजिश, लखनऊ-दिल्ली थे निशाने पर
यूपी ATS ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' बनाने की साजिश सामने आई है. जांच में लखनऊ और दिल्ली को संभावित निशाना बताया गया है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं. जांच के दौरान सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार विदेशी खुफिया एजेंसियों से जुड़े हो सकते हैं और इसके जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही थी.
यूपी एटीएस की कार्रवाई में इस मॉड्यूल से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए एक बड़े आतंकी संगठन को खड़ा करने की योजना पर काम किया जा रहा था.
'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' बनाने की साजिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत में 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' नाम से एक संगठन खड़ा करने की साजिश रच रही थी. यह संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की तर्ज पर तैयार किया जाना था.
सूत्रों के अनुसार, इस संगठन के जरिए टारगेटेड किलिंग, चर्चित व्यक्तियों, सेना और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाने की योजना थी. लखनऊ और दिल्ली में स्थित संघ कार्यालय भी संभावित टारगेट बताए जा रहे हैं.
तुषार उर्फ हिज्बुल्लाह बना अहम कड़ी
इस नेटवर्क में मेरठ निवासी तुषार उर्फ हिज्बुल्लाह को एक प्रमुख कड़ी के रूप में चिन्हित किया गया है. जांच में सामने आया कि उसने धर्मांतरण किया था और करीब चार साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी.
एजेंसियों का कहना है कि धर्मांतरण को एक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल कर युवाओं को संगठन से जोड़ने और कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जा रही थी. इससे पहले इसी नेटवर्क से जुड़े विक्रांत कश्यप को देहरादून से गिरफ्तार किया जा चुका है.
डिजिटल सबूतों से खुलासा
जांच के दौरान तुषार के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है. इनमें पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से बातचीत, संदिग्ध लेन-देन, हथियारों से जुड़ी चर्चाएं, वीडियो फुटेज और धमकी भरे ऑडियो शामिल बताए गए हैं.
एजेंसियों के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें इस नेटवर्क का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही थी, जो एक बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है.
30 दिन की न्यायिक हिरासत
यूपी एटीएस ने नोएडा से तुषार और समीर खान को गिरफ्तार किया है. अदालत में पेशी के बाद दोनों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों लखनऊ और दिल्ली में हमलों की साजिश रच रहे थे. एटीएस अब इनके संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जांच में जुटी है.
परिवार का पक्ष भी सामने आया
तुषार के परिवार ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से अवसाद और अकेलेपन से जूझ रहा था. परिवार ने उसके विदेशी संपर्कों की जानकारी होने की बात भी मानी है.
साथ ही परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप साबित होते हैं, तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है और अन्य राज्यों में भी इस नेटवर्क के संभावित लिंक तलाशे जा रहे हैं.
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह साजिश कई स्तरों पर फैली हो सकती है. एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही हैं.


