यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित, 10वीं में 90.4% और 12वीं में 80.32% छात्र पास
यूपी बोर्ड 2026 के 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी हुए, जिसमें क्रमशः 90.4% और 80.32% छात्र पास हुए. 12वीं में सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60% अंक के साथ टॉप किया, छात्र वेबसाइट और डिजिलॉकर से रिजल्ट देख सकते हैं.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) परीक्षाओं के परिणाम एक साथ घोषित कर दिए हैं. परिषद के सचिव भगवती सिंह ने प्रयागराज स्थित मुख्यालय से शाम चार बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन नतीजों की औपचारिक घोषणा की. इस साल बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है.
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में 53 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं हुए शामिल
आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 10 का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.4% रहा, जबकि कक्षा 12 में 80.32% छात्र परीक्षा पास करने में सफल रहे. इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में 53 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनके परिणाम का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. रिजल्ट जारी होने के साथ ही लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है.
इंटरमीडिएट परीक्षा में सीतापुर जिले की शिखा वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.60% अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और स्कूल में खुशी का माहौल है. वहीं, अन्य मेधावी छात्रों ने भी बेहतर अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है.
ऑनलाइन रिजल्ट कैसे देखें?
छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन माध्यम से आसानी से देख सकते हैं. इसके लिए उन्हें सबसे पहले यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां होमपेज पर दिए गए ‘हाईस्कूल रिजल्ट 2026’ या ‘इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026’ के लिंक पर क्लिक करना होगा. इसके बाद अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। कक्षा 12 के छात्रों को स्कूल कोड भी भरना पड़ सकता है. सारी जानकारी भरने के बाद ‘व्यू रिजल्ट’ पर क्लिक करते ही परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देगा. भविष्य में उपयोग के लिए मार्कशीट का प्रिंट आउट लेना भी जरूरी है.
इसके अलावा, छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म से भी डाउनलोड कर सकते हैं. बोर्ड सचिव के अनुसार, यह डिजिटल मार्कशीट पूरी तरह वैध है और आगे की पढ़ाई या प्रवेश प्रक्रिया में इसका उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए छात्रों को अपने रोल नंबर और स्कूल कोड की आवश्यकता होगी.


