सोना-चांदी की कीमतें धड़ाम! क्या युद्ध और तेल की वजह से और गिरावट आएगी? यहां देखें ताजा रेट और उपडेट
आज सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई. सोना करीब 400-700 रुपये टूटा. तो वहीं चांदी 4,000 से 4,200 रुपये तक गिरी.

नई दिल्ली: गुरुवार 23 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिली. वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है. निवेशक इस गिरावट को लेकर सतर्क हो गए हैं.
सोने में हल्की कमजोरी
घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. दोपहर के आसपास गोल्ड करीब 400-700 रुपये टूटकर 1,51,950 से 1,52,224 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में भी सोना दबाव में दिखा.
चांदी में भारी गिरावट
चांदी पर ज्यादा दबाव रहा. MCX पर सिल्वर करीब 4,000 से 4,200 रुपये तक गिरकर 2,42,000 से 2,44,000 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी में 1.7 से 2 प्रतिशत की कमी आई. युद्ध जैसे तनाव के बाद चांदी में कुल 17 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है, जो इसकी अस्थिर प्रकृति को दर्शाता है.
सर्राफा बाजार में ताजा भाव
10 ग्राम सोना (24K): लगभग 1,51,700 से 1,52,250 रुपये के बीच.
चांदी (1 किलो): करीब 2,43,000 से 2,44,000 रुपये.
गिरावट के पीछे मुख्य कारण
अमेरिका-ईरान तनाव अभी भी बाजार पर असर डाल रहा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता के कारण कच्चा तेल महंगा हो रहा है. ब्रेंट क्रूड 103-106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया, जबकि घरेलू बाजार में भी तेल के दाम 8,900 रुपये से ऊपर निकल गए हैं. इससे महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों में इजाफे की आशंका जताई जा रही है, जो सोने-चांदी जैसी सुरक्षित निवेशों को प्रभावित कर रही है.
एक्सपर्ट्स की सलाह: निवेशक क्या करें?
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोना अभी रेंजबाउंड ट्रेडिंग कर सकता है. 1,51,000 रुपये के आसपास खरीदारी पर विचार किया जा सकता है, लक्ष्य 1,53,000 रुपये और स्टॉपलॉस 1,50,000 रुपये रखते हुए. चांदी में 2,43,000 रुपये के पास खरीदारी की सलाह है, लक्ष्य 2,45,000 रुपये और स्टॉपलॉस 2,41,500 रुपये.
विश्लेषक सलाह देते हैं कि वोलेटाइलिटी ज्यादा है, इसलिए छोटे स्तर पर ट्रेड करें और लंबे समय के लिए फंडामेंटल्स पर नजर रखें. कच्चे तेल की तेजी महंगाई बढ़ा सकती है, जिससे कीमती धातुओं का रुख प्रभावित रहेगा.


