पाकिस्तान को बिचौलिया बनना पड़ा महंगा, इस्लामाबाद में लगे सुरक्षा लॉकडाउन से भड़की जनता
इस हाई-प्रोफाइल दौरों की अटकलों के बीच अधिकारियों ने राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी है। कई मुख्य सड़कें बंद कर दी गई हैं। इससे बाजारों और छोटे कारोबारियों पर सबसे बुरा असर पड़ा है।

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत की खबरों के चलते इस्लामाबाद में सड़कों को बंद करने और सुरक्षा बढ़ाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। बड़े पैमाने पर रास्ते बंद होने से शहर में जगह-जगह ट्रैफिक जाम लग रहा है। दुकानें और कारोबार ठप हैं। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि दूसरे देशों के भू-राजनीतिक तनाव की कीमत वे क्यों चुका रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के कारण पाकिस्तान की सड़कें जाम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हाई-प्रोफाइल दौरों की अटकलों के बीच अधिकारियों ने राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी है। कई मुख्य सड़कें बंद कर दी गई हैं। इससे बाजारों और छोटे कारोबारियों पर सबसे बुरा असर पड़ा है।
कई दुकानदारों ने बताया कि उनकी कमाई आधी से भी कम रह गई है। दिहाड़ी मजदूरों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। महंगाई पहले से घर का बजट बिगाड़ रही थी, ऊपर से काम बंद होने से लोगों के सामने गुजारे का संकट खड़ा हो गया है।
लोगों ने जताई ये नाराजगी
पाकिस्तान में लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से साफ जानकारी नहीं दी जा रही। विदेशी नेताओं के दौरे और कूटनीतिक बातचीत को लेकर उड़ रही अफवाहों ने भ्रम और बढ़ा दिया है। किसी को नहीं पता कि पाबंदियां कब तक रहेंगी।
33 साल के फिदा उल्ला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लड़ाई अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच है, लेकिन खामियाजा आम पाकिस्तानी भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि कारोबार बंद हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और लोग गरीबी-महंगाई में पिस रहे हैं। उन्होंने अपील की कि बातचीत हो या न हो, सरकार को आम जनता पर रहम करना चाहिए।
जनता ने लगाए ये आरोप
गौरतलब है कि एक और निवासी मुहम्मद साबिर ने भी यही दर्द बताया। बाइक के पास खड़े साबिर बोले कि लोग पहले से बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। मौजूदा पाबंदियों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। उन्होंने विदेशी दौरों की अफवाहों पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि ऐसी अनिश्चितता से जनता अधर में लटक गई है। न काम है, न कमाई। उन्होंने जल्द कूटनीतिक समाधान की मांग की ताकि जिंदगी फिर पटरी पर लौटे। कुल मिलाकर पूरे शहर में 'अघोषित लॉकडाउन' जैसे हालात हैं। लोगों की आवाजाही पर सख्त रोक है और रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।


